Explainer: भारत के लिए इंग्लैंड दौरे पर बेशुमार चुनौतियां, कैसे पल-पल पर टीम इंडिया को होगी परेशानी?
IND vs ENG: भारतीय टीम जून में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलने वाली है और यह वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के चौथे चरण के अंतर्गत खेली जाएगी। भारतीय टीम नए कप्तान के साथ वहां जाएगी, टीम की घोषणा होना अभी बाकी है। उसमें स्थिति साफ हो जाएगी।
विराट कोहली और रोहित शर्मा रिटायर्मेंट ले चुके हैं, ऐसे में कुछ नए नाम भी टीम में होंगे और इंग्लैंड दौरा मुश्किल रहने वाला है। कई चुनौतियों का सामना भारतीय टीम को करना पड़ेगा। पांच मैचों की इस सीरीज में आने वाली चुनौतियों को लेकर एक विश्लेषण करने का प्रयास यहां किया गया है।

बल्लेबाजी क्रम में बदलाव
रोहित और विराट के जाने से बैटिंग क्रम में तब्दीली देखने को मिलेगी, मध्यक्रम में विराट की जगह नम्बर चार पर खेलना आसान काम नहीं होगा। कम अनुभवी बल्लेबाजों के साथ टीम इंडिया को मैदान पर उतरना होगा। कोहली एक दशक से ज्यादा समय तक मध्य क्रम में टीम की रीढ़ बने हुए थे। अब वह जगह भरना मुश्किल होगा और इंग्लैंड में परेशानी आनी तय है।
इंग्लैंड की कंडीशंस और स्विंग गेंदबाजी
सबसे अहम बात इंग्लैंड के ठन्डे मौसम में स्विंग का सामना करना है। बादलों से घिरे मैदान में स्विंग संभाल पाना नए प्लेयर्स के लिए आसान नहीं होगा। इंग्लैंड में रेड बॉल क्रिकेट में ड्यूक बॉल का इस्तेमाल होता है, जो स्विंग होती है। हवा में स्विंग के बाद सीम से भी स्विंग मिलती है। इसे झेल पाना यशस्वी जायसवाल और अन्य नये प्लेयर्स के लिए चुनौती है।
नए कप्तान के लिए मुश्किल काम
एक और बड़ी चुनौती कप्तानी भी रहेगी। किसी युवा प्लेयर को कप्तान बनाकर भेजा जाएगा, तो उसके लिए कंडीशंस के अनुसार टीम को मैनेज करना मुश्किल रहेगा। युवा कप्तान के ऊपर दोहरा दबाव रहेगा। व्यक्तिगत प्रदर्शन के अलावा टीम का प्रदर्शन बेहतर रखना होगा।
तेज गेंदबाजों का वर्कलोड मैनेजमेंट
पेस गेंदबाजों में बुमराह टीम के लिए अहम प्लेयर हैं, उनका वर्कलोड मैनेजमेंट देखना पड़ेगा। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सभी पांच मैच खेलने के बाद बुमराह चोटिल हो गए थे। इंग्लैंड में उस स्थिति से बचने का प्रयास करना पड़ेगा। ऐसे में उनको पूरे मैच नहीं खिलाते हुए अन्य किसी पेसर को लाना होगा, वहां भी परेशानी होगी।
टी20 से सीधा टेस्ट में उतरने की चुनौती
आईपीएल खेलकर सीधा रेड बॉल क्रिकेट में जाना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। वह भी ऐसी जगह, जहां खेलने का अनुभव कई प्लेयर्स को नहीं है। उनमें यशस्वी जायसवाल, सरफराज खान, ध्रुव जुरेल जैसे प्लेयर्स हैं। इंग्लिश कंडीशंस में तकनीकी रूप से ये बल्लेबाज खुद को उतना जल्दी नहीं निखार पाएंगे।
बदलाव से प्रेशर रहेगा
रोहित और कोहली के जाने से भारतीय टीम बदलाव के दौर में आ गई है, इससे प्लेयर्स के ऊपर प्रेशर निश्चित रूप से रहेगा क्योंकि रोहित और कोहली दबाव को सोख लेते थे, इससे अन्य बल्लेबाजों का काम आसान हो जाता था। यह जिम्मेदारी अब केएल राहुल के ऊपर रहेगी।












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