वेंगसरकर ने बताए उन तीन खिलाड़ियों के नाम जो टी20 वर्ल्ड कप की टीम इंडिया में होने चाहिए थे
नई दिल्ली, 14 सितंबर: T20 वर्ल्ड कप में जाने वाली भारतीय टीम के बारे में बातों का सिलसिला जारी है। यह टीम बीसीसीआई ने सोमवार को घोषित की थी और 15 खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में T20 वर्ल्ड कप भारत में लाने के लिए अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। अधिकतर वही खिलाड़ी भारतीय टीम में लिए गए हैं जो एशिया कप में मौजूद थे और यहां भारत ने सुपर 4 में ही एग्जिट कर लिया था। चोट के बाद जसप्रीत बुमराह और हर्षल पटले की वापसी जरूर हुई है।

तीन खिलाड़ी ऐसे हैं जो विश्व कप में हिस्सा होने चाहिए थे
टीम इंडिया ने T20 वर्ल्ड कप 2021 के बाद एशिया कप में जो मात खाई उससे कई सवाल उठने जरूरी भी थे लेकिन अंत में चयनकर्ताओं द्वारा चुने गए खिलाड़ियों पर भरोसा जताने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचता है। उम्मीद है कि यह 15 खिलाड़ी T20 वर्ल्ड कप में पिछली गलतियों को नहीं दोहराएंगे और बेहतर करने की ओर बढ़ेगे। लेकिन भारत के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर का मानना है कि कम से कम तीन खिलाड़ी ऐसे हैं जो भारतीय टीम का विश्व कप में हिस्सा होने चाहिए थे।
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सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं वेंगसरकर
दिलीप वेंगसरकर ने काफी क्रिकेट खेला है और वे सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। उनको काम करने के तौर-तरीकों का काफी अनुभव भी है। वेंगसरकर ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए, अगर मैं होता तो मोहम्मद शमी, उमरान मलिक और शुबमन गिल को वर्ल्ड कप के लिए जरूर चुनता। आप उनको T20 में ज्यादा मौका देते तो सही रहता क्योंकि इन सबने आईपीएल में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था।

कौन किस नंबर पर बैटिंग करेगा
वेंगसरकर ने आगे कहा कि, मैं यह नहीं कह सकता कि कौन किस नंबर पर बैटिंग करेगा। यह थिंक टैंक का काम है। कोच और कप्तान और उपकप्तान का काम है। इसके बावजूद मुझे लगता है सूर्यकुमार यादव नंबर पांच पर भी खेल सकते हैं। क्योंकि वह बहुत अच्छे फिनिशर हो सकते हैं। भारत के कई पूर्व खिलाड़ियों ने, जिसमें हेड कोच रह चुके रवि शास्त्री भी शामिल है, इस बात पर हैरानी जताई है कि मोहम्मद शमी को टी-20 विश्व कप के लिए क्यों नहीं लिया गया जबकि वह इस साल आईपीएल में अपनी विजेता टीम गुजरात टाइटंस के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे।

कोई भी कहीं पर भी बल्लेबाजी कर सकता है
इसी बीच ओपनिंग बल्लेबाज केएल राहुल की संघर्ष गाथा जारी है क्योंकि वह फॉर्म में वापस आने के लिए जूझ रहे हैं। इससे पहले उनको चोट लगी थी जिसके चलते अभी वह इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी लय हासिल नहीं कर सके हैं। गावस्कर आगे कहते हैं कि टी20 टेस्ट और वनडे जैसा क्रिकेट नहीं होता जहां पर आप को कुछ निश्चित बल्लेबाज और गेंदबाज रखने की जरूरत होती है। यह एक ऐसा फॉर्मेट है जिसमें कोई भी कहीं पर भी बल्लेबाजी कर सकता है। आपका ध्यान रन बनाने पर होता है क्योंकि सेटल होने के लिए इस फॉर्मेट में कोई टाइम नहीं होता। एक खिलाड़ी को क्रीज पर जाना होता है और गेंदबाज के ऊपर पहली गेंद से ही टूट पड़ता है।












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