साहा को धमकाकर नप गया पत्रकार, दो साल के बैन की तैयारी, स्टेडियम में घुस भी नहीं सकेगा
नई दिल्ली, 24 अप्रैल: कुछ हफ्ते पहले की बात है जब भारतीय विकेटकीपर रिद्धिमान साहा ने एक सनसनीखेज खुलासा किया था। रिद्धिमान साहा ने अपने ट्विटर हैंडल पर स्क्रीनशॉट शेयर किया था जिसमें साफ साफ पता चल रहा था कि एक कथित पत्रकार ने इस खिलाड़ी को इंटरव्यू ना देने के लिए बाकायदा धमकी दी है। यह मामला सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया तो क्रिकेट के बड़े खिलाड़ी साहा के सपोर्ट में कूद पड़े। सब ने इस कथित पत्रकार का नाम बताने का अनुरोध किया।

बोरिया मजूमदार पर दो साल के बैन की तैयारी-
लेकिन साहा का कहना था कि वह इस शख्स का नाम बीसीसीआई के सामने बता सकते हैं, पर सार्वजनिक तौर पर नहीं बता पाएंगे। बाद में पता चला कि साहा ने बीसीसीआई की जांच में सहयोग देते हुए इस पत्रकार का नाम भी बता दिया। इस घटनाक्रम के बाद पता चला कि यह पत्रकार बोरिया मजूमदार है। बोरिया मजूमदार ने काफी लंबे समय से क्रिकेट को कवर किया है। मजूमदार यूट्यूब पर अपना चैनल भी चला रहे हैं। इस घटना के कुछ दिन बाद मजूमदार खुद सामने आए थे और उन्होंने उल्टा रिद्धिमान साहा पर आरोप लगाए थे कि इस खिलाड़ी ने उनके द्वारा भेजे गए मैसेजों के साथ छेड़छाड़ की और दुनिया के सामने उनको बदनाम करने का काम किया।

टॉप बीसीसीआई अधिकारी ने जानकारी दी-
मजूमदार ने शाह के ऊपर कोर्ट केस करने का दावा भी किया था। अब एक रिपोर्ट के अनुसार बोरिया मजूमदार पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई 2 साल का बैन लगाने के लिए तैयार हैं क्योंकि बीसीसीआई की 3 सदस्यीय है कमेटी ने उनको इंटरव्यू के लिए भारतीय विकेटकीपर रिद्धिमान साहा को धमकाने का दोषी पाया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार एक टॉप बीसीसीआई अधिकारी ने रविवार को इस बात की जानकारी दी है।

ब्लैकलिस्ट में डाला जाएगा-
उसने बताया है कि बोरिया मजूमदार को स्टेडियम के अंदर घुसने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उनके पास क्रिकेट मैच को लेकर किसी तरह के मीडिया विशेषाधिकार नहीं होंगे और यह केवल घरेलू मैच के लिए होगा। लेकिन आईसीसी को भी लिखा जाएगा कि इस व्यक्ति को ब्लैकलिस्ट किया जाए। खिलाड़ियों को भी कहा जाएगा कि इस व्यक्ति के साथ कोई बातचीत ना की जाए। बोलिए मजूमदार ने इस मामले पर फिलहाल किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बीसीसीआई कमेटी ने लिया है फैसला- रिपोर्ट
शुरुआत में इस मामले में बीसीसीआई नहीं पड़ रहा था लेकिन जब इस केस की चर्चा चारों ओर हुई तो रवि शास्त्री जैसे दिग्गजों ने भी कहा कि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को इस मामले में कूदना चाहिए। सोशल मीडिया पोस्ट को आधार बनाकर बीसीसीआई ने एक कमेटी का गठन किया था जिसमें वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला, बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और अपैक्स काउंसिल के सदस्य प्रभतेज भाटिया थे।
मैं इस बात को याद रखूंगा...
रिद्धिमान रिद्धिमान साहा ने जब स्क्रीन शॉट शेयर किया था तब उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा था कि भारतीय क्रिकेट में मेरे इतने योगदान के बाद अब एक 'सम्मानीय' पत्रकार से मुझे इन सब चीजों का सामना करना पड़ रहा है। अब कहां की पत्रकारिता बची है।
इसके साथ ही रिद्धिमान साहा ने कुछ मैसेज की स्क्रीनशॉट कॉपी भी भेजी थी। इन स्क्रीनशॉट्स को इस तरह पढ़ा जा सकता था- "तुमने कॉल नहीं किया। अब मैं कभी भी तुम्हारा इंटरव्यू नहीं लूंगा। मैं अपनी बेज्जती को जल्दी भूलता नहीं हूं। और मैं इस बात को याद रखूंगा।"












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