वर्ल्ड कप में तो कोहली 'दोषी' थे, एशिया कप में कौन है? 'रोहित-द्रविड़ नहीं, असली विलेन कोई और है'
नई दिल्ली, 10 सितंबर: भारत को मिली हाल में मिली नाकामी के लिए आप किसको दोषी ठहराना चाहेंगे? आमतौर पर कप्तान और कोच के ऊपर सारा ठीकरा फोड़ दिया जाता है लेकिन यह किसी की कमी निकालने का एक आसान तरीका है क्योंकि असल समस्या तो कहीं और भी हो सकती है। ऐसा नहीं कि कोच और कप्तान जवाबदेह नहीं होते लेकिन जिस तरह का क्रिकेट भारतीय टीम ने पिछले कुछ महीनों में उसके बाद यह बात तो निश्चित था कि एशिया कप जैसी प्रतियोगिताओं में भारत को बार-बार जीतना चाहिए।

एशिया कप में कौन है विलेन
ऐसे में खामी टीम सिलेक्शन को लेकर हो सकती है क्योंकि भारत वर्ल्ड की एक ऐसी टीम है जो लगातार प्रयोग कर रही है और जिसके पास आईपीएल के कारण खिलाड़ियों का एक बहुत बड़ा ग्रुप भी तैयार है। इस ग्रुप से कभी कोई खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में आता है तो प्लेइंग इलेवन में मौजूद पहले से ही स्थापित कोई खिलाड़ी बाहर बेंच पर बैठ जाता है और यह सिलसिला लगातार चलता रहता है। पूरी मैनेजमेंट का मानना है कि टी20 विश्व कप के लिए टीम तैयार की जा रही है।
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यहां पर भी जबरदस्त प्रयोग
भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ एशिया कप के अपने अंतिम मुकाबले में बढ़िया जीत दर्ज की और विराट कोहली का शतक भी आया लेकिन यहां पर भी जबरदस्त प्रयोग देखने को मिला था। कप्तान रोहित शर्मा टीम में नहीं थे तो विराट को ओपनिंग के तौर पर भेजा गया था। जाहिर है भारत लगातार प्रयोग करता रहा- कभी दिनेश कार्तिक, कभी ऋषभ पंत और कार्तिक दोनों खेले, तो कभी केवल पंत। पंत के लिए तो यह टूर्नामेंट भूलने लायक ही साबित हुआ है।

वर्ल्ड कप में तो कोहली 'दोषी' थे
अब देखना यह है कि फिनिशर की भूमिका के लिए क्या दिनेश कार्तिक को पंत के ऊपर वरीयता दी जाएगी? इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात मीडिया में लगातार दूसरे साल भारत के लिए फेलिअर हाथ लगा। पिछले साल 2021 में पहली बार बाहर होने के बाद भारत ने एशिया कप के फाइनल में जगह भी नहीं बनाई है। पिछली बार विराट कोहली कप्तान थे तो इस बार रोहित शर्मा कप्तान है। राहुल द्रविड़ ने भी कोच रवि शास्त्री की जगह ले ली है लेकिन यह नई जोड़ी भी कुल मिलाकर बड़ी प्रतियोगिता में नतीजा नहीं दे पाई है।

इसका जवाब कप्तान और कोच में नहीं छुपा
वर्ल्ड कप 2021 में भारत फेल हुआ था तो विराट कोहली और शास्त्री के कंधे पर सारी जिम्मेदारी डाल दी गई थी और रोहित को इस तरह पेश किया गया था कि वे कई समस्याओं का हल कर देंगे। हालांकि ऐसा नहीं हो पाया। इसी बीच भारत के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने भी कहा है कि इसका जवाब कप्तान और कोच में नहीं बल्कि भारतीय टीम द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयोगों में छुपा है। चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, जब हम पिछले साल हारे तब कहा गया कि विराट कोहली की वजह से यह हार मिली है और हमें कप्तान बदलना चाहिए। रोहित शर्मा भी आपको जीत नहीं दिला पाए हैं। यह दिखाता है टीम के सिलेक्शन में दिक्कत है ना कि कप्तान या कोच में।

कंफ्यूज टीम या सोची-समझी प्लानिंग
चोपड़ा कहते हैं कि लास्ट टाइम आपने अचानक युजवेंद्र चहल को बाहर कर दिया। आपने ईशान किशन से ओपनिंग कराई और अब आप ऐसे ही जारी रखना चाहते हैं। आपने अब ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, दीपक हुड्डा जैसे लोगों से ओपनिंग करा ली है और अब 7 नबंर के लिए फिनिशर दिनेश कार्तिक भी टीम में नजर नहीं आ रहे हैं, साथ ही टीम में केवल 3 फास्ट बॉलिंग ऑप्शन हैं।
चोपड़ा ने कहा कि इसके विपरीत श्रीलंका और पाकिस्तान की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी प्लेइंग इलेवन में शायद ही बदलाव किया हो। यह दोनों ही टीमें फाइनल खेलने जा रही है।

श्रीलंका और पाकिस्तान ने टीमें नहीं बदली, अब दोनों फाइनल में हैं
चोपड़ा कहते हैं कि, भारत दीपक चाहर और अक्षर पटेल या रवि बिश्नोई को खिला सकता है। आपको विकेट लेने वाले गेंदबाज चाहिए और अगर आप दीपक हुड्डा को नहीं खिला रहे हैं तो दिनेश कार्तिक को खिलाते। टीम की प्लानिंग साफ नहीं है। हमने विपक्षी की तुलना में बहुत ज्यादा बदलाव किए, लेकिन श्रीलंका और पाकिस्तान की टीम ने शायद 1-1 बदलाव ही किया होगा और फिर भी वह फाइनल में मौजूद है।












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