लगातार तीसरे टेस्ट में रोमांच के चरम पर पहुंची एशेज, जानिए सीरीज में अभी तक कैसे पलटा है अंतिम दिन का खेल
इंग्लैंड में क्रिकेट का मौसम अपने पूरे शबाब पर है जहां लगातार तीसरा टेस्ट अपने निर्णयाक दिन रोमांच के चरम पर पहुंच चुका है। एशेज में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमों ने जो खेल दिखाया है वह हार जीत से परे है।
यहां इंग्लैंड की टीम लगातार दो मैच हारने के बावजूद एक हीरो की तरह खड़ी है और आस्ट्रेलिया चैंपियन जैसा गेम खेलकर अंग्रेजों को उन्हीं के घर पर बैजबॉल के नुकसान दिखा रही है।

लेकिन, इन सबसे फैंस को जो मिल रहा है वह टेस्ट क्रिकेट का विशुद्ध मजा है। एशेज 2023 का तीसरा टेस्ट आते-आते 3 दिन समाप्त हो चुके हैं और चौथे दिन अगर बारिश नहीं हुई तो मैच का नतीजा देखने के लिए मिल जाएगा। चौथे दिन इंग्लैंड की टीम को जीत के लिए 224 रनों की और दरकार है और उनके पास पूरे 10 विकेट और बाकी हैं।
इस दिन का पहला सेशन काफी अहम होने जा रहा है लेकिन अंतिम दिन एशेज में क्या होता है, इस बारे में ज्यादा बातें करना व्यर्थ है। सीरीज के अभी तक के दोनों मैचों में जो हुआ है उसने बड़े से बड़े धुरंधर को भी अपनी राय बदलने पर मजबूर कर दिया है।
इन सब की शुरुआत बर्मिंघम में हुए टेस्ट मैच से हुई जब ऑस्ट्रेलिया की टीम को जीत के लिए 281 रनों का टारगेट मिला था। 206 रनों पर 7 विकेट गंवा चुके कंगारू एक निश्चित हार की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन पैट कमिंस और नाथन लियोन ने टेस्ट इतिहास में 9वें विकेट की सबसे महान साझेदारी में एक करके इंग्लैंड की जीती हुई बाजी को अपने पक्ष में पलट दिया।
कैसे टूटी उम्मीदें- अंग्रेजों की जीत की खुशबू को हार की काली रात में पलटने के लिए कमिंस ने आक्रामक खेलने का फैसला किया। इस पारी में जो रूट के एक ओवर में लगे दो छक्कों ने माहौल बदलने का काम किया। कमिंस ने चार्ज लिया और नाथन लियोन ने एक छोर को संभाला। देखते ही देखते ऑस्ट्रेलिया को अविश्वसीय जीत मिल गई। कमिंस 73 गेदों पर 44 और लियोन 28 गेंदों पर 16 रन बनाकर नाबाद लौटे।
दूसरा टेस्ट लॉर्ड्स में हुआ जहां इंग्लैंड को चौथी पारी में जीत के लिए 371 रनों का टारगेट मिला। लक्ष्य आसान नहीं था और 45 रनों पर चार विकेट गंवा चुकी इंग्लैंड के जीतने की उम्मीदें पहले ही खत्म हो थी। लेकिन बेन डकेट की 83 रनों की तेज पारी ने उम्मीदें बढ़ा दी, पर जॉनी बेयरस्टो के विवादापस्द विकेट ने मामला फिर कंगारूओं के पक्ष में झुका दिया।
कैसे हारकर भी स्टोक्स बने हीरो- स्टोक्स फॉर्म में नहीं थे, लेकिन वे बेयरस्टो के ऐसे आउट होने के बाद अड़ गए। कप्तान की मानसिकता अलग ही लेवल पर थी और उन्होंने इस बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पलटवार नहीं, बल्कि बदला लिया। स्टोक्स ने ऐसी धुनाई शुरू की, कि इंग्लैंड कभी ना सोची गई जीत के बेहद करीब पहुंच गया।
स्टोक्स 214 गेंदों पर 155 रनों की महान पारी खेलकर जब पवेलियन लौटे तब तक अंग्रेज 300 पार हो चुके थे, लेकिन बाकी के बल्लेबाजों को समेटना अब महज औपचारिकता थी। इस तरह से ऑस्ट्रेलिया ने मैच जीता और इंग्लैंड ने दिल। इस मैच के बाद बेयरस्टो के आउट होने का मामला इतना तूल पकड़ा कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के पीएम भी अपनी टीमों के पक्ष में कूद पड़े थे।












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