IPL Auction 2023: अमित मिश्रा को खुद के चुने जाने की है उम्मीद, कहा- मैं अभी भी फिट हूं
अमित मिश्रा भारत के अनुभवी लेन स्पिनरों में से एक हैं। इस लीग में मिश्रा के नाम 154 मैचों में 166 विकेट हैं। इस अनुभवी गेंदबाज को लगता है कि उनके पास अभी 2-3 साल क्रिकेट खेलने के बचे हैं।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अगले सीजन के लिए 23 दिसंबर को नीलामी का मंच लगने वाला है। 23 दिसंबर को होने वाली मेगा ऑक्शन में कई खिलाड़ियों का भविष्य तय होगा कि वो आगे आईपीएल में खेलते हुए नजर आएंगे या फिर नहीं। यह वो खिलाड़ी हैं जो उम्र के उस पड़ाव पर हैं, जहां संन्यास की घोषण कर दी जाती है और उनकी फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिटेन भी नहीं किया है। ऐसे ही खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी लेग स्पिनर अमित मिश्रा का नाम शामिल है। 40 साल के अमित मिश्रा को यह उम्मीद है कि वो इस साल नीलामी में जरूर किसी एक फ्रेंचाइजी के द्वारा चुने जा सकते हैं।
पिछली नीलामी में नहीं बिके थे अमित मिश्रा
आपको बता दें कि अमित मिश्रा पिछले सीज़न की मेगा नीलामी में बिना बिके रह गए थे, क्योंकि उन्होंने 2019 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए सिर्फ एक ही मैच खेला था। अमित मिश्रा भारत के अनुभवी लेन स्पिनरों में से एक हैं। इस लीग में मिश्रा के नाम 154 मैचों में 166 विकेट हैं। इस अनुभवी गेंदबाज को लगता है कि उनके पास अभी 2-3 साल क्रिकेट खेलने के बचे हैं। उनका मानना है कि उनके पास अभी भी वो फिटनेस है, जो उन्हें आईपीएल का टिकट दिला सकती है। हालांकि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से इसका सबूत भी दिया है।
अमित मिश्रा का बयान-
मेरे अंदर अभी 2-3 साल का क्रिकेट बाकी है। मैं खुद को फिट रख रहा हूं और घरेलू क्रिकेट में पिछले और इस सीजन में भी मेरा प्रदर्शन खराब नहीं रहा है। मुझे इस हफ्ते की आईपीएल नीलामी में किसी एक फ्रेंचाइजी द्वारा खरीदे जाने की उम्मीद है।
सीमित ओवरों में लेग स्पिनर की है अहमियत- मिश्रा
अमित मिश्रा ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में कलाई के स्पिनरों की सफलता के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि युजवेंद्र चहल का शानदार रिकॉर्ड इस बात का सबूत है कि कलाई के स्पिनर की टी20 क्रिकेट में काफी अहमियत है। उन्होंने कहा, 'पहले लोगों को लगता था कि टी20 क्रिकेट के आने से लेग स्पिन की उपयोगिता कम होती जा रही है। लेकिन वे पूरी तरह गलत साबित हुए हैं। लेग स्पिन सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में ही प्रभावी नहीं है बल्कि यह सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी उतना ही प्रभावी है। आईपीएल को ही देख लीजिए। मैं एक लेग स्पिनर होने के नाते युजवेंद्र चहल के साथ आईपीएल इतिहास के दो सबसे सफल भारतीय गेंदबाज हैं।"












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