5 मौके जब रविचंद्रन अश्विन ने धांसू बैटिंग से बचाई टीम की इज्ज़त, निभाई संकटमोचक की भूमिका
Ravichandran Ashwin: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए लम्बे समय तक खेलने के बाद रविचंद्रन अश्विन ने अंततः संन्यास की घोषणा कर दी। अश्विन ने टीम इंडिया के लिए तीनों प्रारूप खेले हैं। 38 वर्ष की उम्र में उन्होंने खेल को अलविदा कह दिया और हर किसी को इससे हैरानी भी हुई।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा टेस्ट मुकाबला ड्रॉ होने के बाद ही उन्होंने अपने फैसले की घोषणा कर दी। ड्रेसिंग रूम में अश्विन ने विराट कोहली को गले लगा लिया। दोनों साथ में बैठे और बात कर रहे थे। गेंदबाजी उनकी हमेशा तगड़ी रही हैं। 537 टेस्ट विकेट उन्होंने झटके हैं।

बैटिंग में अश्विन ने कई मौकों पर टीम इंडिया के लिए अपना बेस्ट दिया और इज्जत भी बचाई। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में छह शतक हैं। अश्विन की पांच ऐसी पारियों के बारे में जरूर जानना चाहिए, जब उन्होंने टीम इंडिया के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई।
सिडनी में बचाया मुकाबला
साल 2021 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अश्विन ने अपनी बल्लेबाजी से प्रभाव छोड़ा था। सिडनी टेस्ट में भारत को किसी ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी जो क्रीज पर खड़े रहकर मैच बचा सके। उन्होंने गेंदों को अपने शरीर के ऊपर भी खाया। इस पारी में इम्पैक्ट ज्यादा था और रन कम थे। पांचवें दिन वह खेलने आए थे और पुजारा आउट हो गए थे। जडेजा चोटिल थे और अश्विन ने 128 गेंदों का सामना कर नाबाद 39 रन बनाते हुए मैच बचाने में अपना अहम योगदान दिया।
पहला टेस्ट शतक
नंबर आठ पर खेलते हुए 2011 में अपने करियर की तीसरी पारी में अश्विन आठवें नम्बर पर बैटिंग करने के लिए आए। यह मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ था। वानखेड़े स्टेडियम में अश्विन ने चौके और छक्कों की बारिश की। 15 चौकों और 2 छक्कों से उन्होंने 103 रन बनाए। वह उस समय खेलने के लिए आए, जब टीम इंडिया 259 रनों से पीछे थी।
चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ शतक
साल 2021 में चेन्नई में तीसरी पारी के दौरान टीम इंडिया संघर्ष कर रही थी और अश्विन ने धमाल मचा दिया। वह उस समय आए, जब इंडिया का स्कोर 6 विकेट पर 106 रन था। अश्विन ने 106 रन बनाकर भारत की लीड में वृद्धि की। बाद में टीम इंडिया ने यह मुकाबला जीता था।
रैंक टर्नर पिच पर चलाया बल्ला
2022 में बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर टेस्ट में भारत की स्थिति खराब थी। रैंक टर्नर पिच पर स्कोर 7 विकेट पर 74 रन था। अश्विन नौवें नम्बर पर खेलने आए। अश्विन ने अपना पूरा अनुभव झोंकते हुए इस खराब पिच पर बांग्लादेशी गेंदबाजों का सामना किया। भारत को 71 रनों की दरकार थी। अश्विन ने नाबाद 42 रनों की पारी खेल टीम इंडिया को 3 विकेट से मैच में जीत दिला दी। सामने श्रेयस अय्यर भी थे, उन्होंने 29 रन बनाए।
चेन्नई में बांग्लादेश को धोया
साल 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ चेन्नई टेस्ट मैच में अश्विन ने धमाका कर दिया। टीम इंडिया 144 रनों पर 6 विकेट गंवाकर मुश्किल स्थिति में थी। अश्विन ने जडेजा के साथ मिलकर टीम को संकट से बाहर निकालने का जिम्मा उठाया और 199 रनों की भागीदारी की। उनके बल्ले से शतक आया। काउंटर अटैक की रणनीति के तहत खेलकर अश्विन ने 133 गेंदों में 113 रन बनाए।












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