UP News: सात बेटियां होने के बाद भी दंपती को थी बेटे की चाहत, इच्छा हुई पूरी तो परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
UP News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद से एक ऐसी खबर सामने आएगी जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। सोनभद्र जनपद में एक महिला को सात बेटियां होने के बाद भी उसे बेटे की चाहत थी। अंत में उसकी फरियाद भगवान सुन लेते हैं।
महिला एक बेटे को जन्म देती है। लेकिन बेटे का जन्म होता है उसके बाद ही परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। इस घटना को जो भी सुना वह हैरान है। इसके अलावा पूरे इलाके में यह घटना चर्चा में बनी हुई है।

यह पूरा मामला सोनभद्र जनपद के म्योरपुर ब्लॉक के जरहा गांव का है। बताया जा रहा है कि गांव के रहने वाले रामनारायण और सुशील को सात बेटियां हैं। सात बेटियों होने के बाद भी पति-पत्नी को चाहत थी। कहा यह भी जा रहा है कि लोगों ने कई जगह मन्नत भी मांगी थी।
44 वर्षीय सुशीला देवी गर्भवती थी और गुरुवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर जा रहे थे। कहां जा रहा है कि इसी दौरान रास्ते में ही एएनएम से उन लोगों की मुलाकात हो गई और एएनएम ने उन लोगों को अपने घर पर ही रोक लिया।
एएनएम ने कहा कि अस्पताल जाने की कोई जरूरत नहीं है घर पर ही 5000 रुपए लेकर वह सामान्य तरीके से प्रसव कर देगी। ऐसे में राम नारायण और उसके परिवार के लोग एएनएम के घर पर ही प्रसव कराने के लिए राजी हो गए।
उसके बाद एएनएम के घर पर ही सुशीला का प्रसव कराया गया। इस दौरान सुशील ने बेटे को जन्म दिया लेकिन प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव के चलते सुशीला की हालत बिगड़ने लगी। उसके बाद एएनएम ने तत्काल सुशील को म्योरपुर रेफर कर दिया।
इस दौरान अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही सुशीला की मौत हो गई। मौत हो जाने के बाद सुशीला के परिवार में मातम बसरा हुआ है। वही इस घटना से नाराज मृतका की बेटी गीता द्वारा थाने में तहरीर देकर एएनएम के ऊपर लापरवाही का आरोप लगाया गया है।
मामले में गीता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके पुलिस जांच पड़ताल शुरू कर दी है। सीएचसी अधीक्षक म्योरपुर डॉ. पीएन सिंह ने बताया कि आवास पर किसी महिला का प्रसव नहीं कराया जा सकता है। एएनएम ने ऐसा कैसे किया इसकी जांच कराई जा रही है और मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।












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