Satna News: पढ़ाई नहीं पानी रोक रहा है 'देश का भविष्य'! एमपी के पीएमश्री स्कूलों की खुली पोल

Satna News: मध्य प्रदेश में बारिश ने स्कूल प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। सरकारी विद्यालय की बदहाली की तस्वीर अगर देखनी है तो सतना जिले के रामपुर बाघेलान विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीएमश्री चोरहटा स्कूल हकीकत बताने के लिए पर्याप्त है।

पीएमश्री चोरहटा के छात्रों की पढ़ाई बारिश के कारण चौपट हो रही है। शनिवार की रात जोरदार हुई बारिश से पूरा परिसर लबालब हो गया। शनिवार की सुबह साढ़े नौ बजे छात्र समेत टीचर पहुंचे तो बाढ़ सा नजारा दिखा। सतना-अमरपाटन मुख्य मार्ग पर छात्र-छात्रों की भीड़ देख स्थानीय लोग आए।

Satna rain PM Shri school filled with water

प्राचार्य एसबी सिंह सहित सरपंच संजीव लोचन सिंह को सूचना दी गई। जानकारी के बाद भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। सबसे पहले छात्रों को 500 मीटर दूर खेरिया रोड स्थित कैंपस भेजा गया।

वहां एक घंटे बाद कक्षाएं शुरू हुईं। इधर जन सहयोग से पूर्व की पुलिया साफ कराई गई। इसके बाद कैंपस का पानी रोड के दूसरे छोर की ओर बहाया गया। तब स्कूल प्रबंधन ने राहत की सांस ली।

प्राचार्य एसबी सिंह ने के जानकारी अनुसार कुछ माह पहले सतना से अमरपाटन मुख्य मार्ग नया बना है। पूर्व में स्कूल से पानी निकासी के लिए पुलिया बनाई गई थी। नए ठेकेदार ने पुलिया नहीं बनाई। ऐसे में 26 जुलाई और 3 अगस्त को ज्यादा वर्षा के कारण पानी कैंपस में भर गया। यदि पुलिया चालू होती तो कभी दिक्कत न होती।

ग्रामीणों के जानकारी मुताबिक चोरहटा बस स्टैंड के पास हायर सेकंडरी स्कूल के दो भवन हैं। मुख्य भवन में 13 कमरे हैं। यहां सुबह 10 से शाम 5 बजे तक 6 से 12वीं की कक्षाएं संचालित होती हैं। छात्र 600 हैं। रोड के दूसरी ओर 1 से 5वीं की कक्षाएं सुबह 10.30 से शाम 4 बजे तक लगती हैं। प्राथमिक शाला के पास 5 कमरे हैं।

इसी तरह बस स्टैंड के पास परिसर छोटा पड़ने के कारण खेरिया मोड़ के पास आरक्षित 4 एकड़ की जमीन में खेल मैदान समेत 6 कमरे बने हैं। वहां बायो, मैथ और कक्षा 10वीं की कक्षाएं चल रही हैं।

बारिश के मौसम में जिस हिसाब से चोरहटा पीएमश्री स्कूल में जल भराव हो रहा है, उससे हादसे की आशंका बनी है। दावा है कि प्राथमिक का माध्यमिक और हाई स्कूल से हायर सेकेंडरी में उन्नयन हो गया पर संसाधन नहीं मिले हैं। पूरे कमरे जर्जर हैं। नए भवन की तत्काल आवश्यकता है पर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। नियमित 13 शिक्षक हैं।अतिथि शिक्षकों के 12 से ज्यादा पद रिक्त हैं। ऐसे में कैसे बेहतर पढ़ाई की कल्पना कर सकते हैं।

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