यूपी के बाहुबली MLA विजय मिश्रा मध्य प्रदेश में लिए गए हिरासत में, FB पर वीडियो पोस्ट कर जताई थी ये आशंका
भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की ज्ञानपुर सीट से निषाद पार्टी के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा एक बार फिर चर्चाओं में है। जी हां, इस बार बाहुबली विधायक विजय मिश्रा को मध्य प्रदेश के आगर जिले की पुलिस ने मालवा से हिरासत में लिया है। बता दें कि यह कार्रवाई भदोही पुलिस के अनुरोध पर की गई है। भदोही पुलिस की टीम मालवा रवाना हो गई है, जो उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा। हाल में ही विजय मिश्र ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर भदोही पुलिस से अपनी जान का खतरा बताया था।
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दरअसल, विधायक विजय मिश्र, मिर्जापुर-सोनभद्र एमएलसी रामलली मिश्र और उनके कारोबारी पुत्र विष्णु मिश्र पर कृष्णमोहन तिवारी ने मुकदमा दर्ज कराया है। विजय मिश्र, उनकी पत्नी और बेटे पर कृष्णमोहन ने मारपीट करने और उनकी संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया था। 8 अगस्त को पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था और हाल ही में एक व्यक्ति को धमकी देने के कारण उन पर गुंडा एक्ट लगा था। मुकदमा दर्ज होने के बाद विधायक विजय मिश्र गायब हो गए थे।
इस बीच गुरुवार को बाहुबली विधायक विजय मिश्र ने एक वीडियो जारी कर कहा कि ब्राह्मण होने के नाते उन्हें परेशान किया जा रहा है और पुलिस कभी भी उनका एनकाउंटर कर सकती है। उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी रामलली और बेटे विष्णु को फर्जी मामले में फंसाया जा रहा है। विजय मिश्र ने आरोप लगाया कि ब्राह्मण होने के नाते उन्हें परेशान किया जा रहा है, क्योंकि वो ब्राह्मण होकर चार बार से विधायक हैं। उनके साथ ये सब इसलिए हो रहा है ताकि बनारस या चंदौली का कोई माफिया यहां आकर चुनाव लड़ सके। हालांकि इस वीडियो के वायरल होने के बाद यूपी पुलिस का भी ट्वीट आया है। भदोही पुलिस ने विधायक विजय मिश्रा के आरोपों का खंडन किया है।
जानिए कौन है बाहुबली विधायक विजय मिश्रा
विजय मिश्रा ज्ञानपुर विधानसभा सीट से चार बार के लगातार विधायक है और पूर्वांचल में तूती बोलती थी। विजय मिश्रा का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू होकर समाजवादी पार्टी और बाद में निषाद पार्टी तक पहुंचा है। कांग्रेस से 30 साल पहले भदोही में ब्लॉक प्रमुख बनने वाले विजय मिश्रा ज्ञानपुर सीट से 2002, 2007 और 2012 में विधानसभा चुनाव सपा से जीतकर विधायक बने और 2017 के चुनाव में सपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद वो निषाद पार्टी से चुनावी मैदान में उतरे थे और मोदी लहर में भी जीतने में कामयाब रहे। विजय मिश्रा पर पहले से ही छोटे-बड़े मिलाकर करीब 64 मामले दर्ज हैं।












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