अनामिका शुक्ला केस: सहारनपुर में भावना कर रही थी नौकरी, वार्डन बर्खास्त, IB सहित 5 एजेंसियां जांच में जुटी
सहारनपुर। यूपी की बहुचर्चित शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण में प्रत्येक जनपद में अलग नाम निकलकर सामने आ रहे हैं। कहीं सुप्रिया सिंह तो कहीं प्रिया और कहीं अनामिका सिंह नाम सामने आया है। सहारनपुर की बात करें तो यहां अनामिका शुक्ला के नाम से भावना नौकरी कर रही थी। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुजफ्फराबाद में नियुक्ति के लिए विभाग ने आवेदनकर्ता अनामिका शुक्ला पुत्री सुभाषचंद शुक्ला के द्वारा भरे गए पते हसनपुर मैनपुरी पर नियुक्ति पत्र भेजा गया तो वहां उक्त नाम और जाति का कोई व्यक्ति नहीं मिला। ऐसे में नियुक्ति पत्र वापस आ गया था। इसी प्रकरण में विभाग ने संबंधित विद्यालय की वार्डन ललिता देवी की संविदा समाप्त कर दी है। जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है।
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लापरवाही में स्कूल वार्डन पर गिरी गाज
इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह द्वारा तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई थी। बीएसए रामेंद्र कुमार ने बताया कि जांच समिति ने पाया कि वार्डन ललिता देवी ने राजकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरती। गड़बड़ियों से विभाग को अवगत नहीं कराया। इसके अलावा वार्डन ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश के बावजूद दस जून तक अपना स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। ऐसे में समिति की संस्तुति पर उनकी संविदा समाप्त कर दी है। जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) आदित्य नारायण शर्मा ने 10 जून को अपना स्पष्टीकरण दे दिया था। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की तैयारी है।

आईबी, एसटीएफ सहित पांच एजेंसियां जांच में जुटी
इस मामले में मामले में पांच जांच एजेंसियों ने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है। आईबी, एसटीएफ, विजिलेंस, एसआईटी, शासन की टीम और स्थानीय पुलिस ने अपने-अपने स्तर से इस मामले की जांच शुरू कर दी है। सबसे पहले एसटीएफ की टीम गोंडा पहुंची थी। दूसरे दिन आईबी ने तथ्य जुटाए। वहीं, विभागीय विजिलेंस व एसआईटी ने भी गोंडा के बीएसए डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति से गुरुवार को संपर्क किया। यह टीमें भी जिले में आकर प्रकरण की जांच करेंगी और जुड़े तथ्य जुटाएंगी। जांच अफसर इस मामले में गोंडा कनेक्शन की तलाश कर रहे हैं।

असली अनामिका ने किया था ये दावा
बता दें, बीते 9 जून को असली अनामिका शुक्ला अपने कागजात लेकर बीएसए के दफ्तर पहुंची थी। अनामिका ने दावा किया था कि उसने किसी भी कस्तूरबा विद्यालय में न तो कभी नौकरी की और न ही वर्तमान में कहीं कर रही है। बीएसए दफ्तर पर उसके पहुंचने के बाद सूबे के कई जिलों में चल रही जांचों के जांच अधिकारियों की निगाहें जिले की ओर उठ गईं हैं। अब तक एसटीएफ, आईबी, विजिलेंस, एसआईटी के अलावा नगर पुलिस प्रकरण की बारीकी से जांच करेगी। इसके अलावा विभागीय जांच भी बीएसए कराएंगे।












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