चार दिन के नवजात के गर्भ में है बच्चा, जानिए सच? रिपोर्ट देखकर क्यों चौंक गए डॉक्टर
सागर, 21 सितंबर 2024: मध्य प्रदेश के सागर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक महिला ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। डॉक्टरी जांच में पता चला कि उस बच्चे के अंदर भी एक नवजात पल रहा है।
जिले के केसली ब्लॉक निवासी एक प्रसूता की चार दिन पहले डिलीवरी कराई गई थी। उसकी नवजात को जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है। मामले में सीटी स्कैन जांच में सामने आया है कि नवजात के गर्भ में भी एक गर्भ मौजूद है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह भ्रूण भी जीवित अवस्था में है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने नवजात का परीक्षण किया है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग के डॉक्टर बताते हैं कि उनके जीवन में यह पहला मामला सामने आया है।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में रेडियोलॉजी विभाग के एचआोडी डॉक्टर पुण्य प्रताप सिंह के मुताबिक लगभग 17 दिन पहले केसली निवासी 35 वर्षीय एक गर्भवती महिला जांच के लिए आई थी। सोनोग्राफी और सीटी स्कैन के बाद चौकाने वाली रिपोर्ट सामने आई थी। जिसमें पेट में मौजूद शिशु के पेट में भी एक जिंदा भ्रूण(टेराटोमा) मौजूद था।
महिला का चार दिन पहले नॉर्मल डिलीवरी केसली में कराया गया था, जिसके बाद नवजात को जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर सिंह के अनुसार मेरे जीवन में फीट्स इन फीटू इस तरह का पहला मामला सामने आया है।
बीएमसी के रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर वृषभान अहिरवार के अनुसार फीट्स इन फीटू के ऐसे दुर्लभ मामलों में भ्रूण के अंदर भ्रूण जीवित नहीं रह पाते हैं। ऐसा एक भी केस हिस्ट्री में सामने नहीं आया है। दरअसल, शिशु का शरीर बहुत छोटा होता है और पेट के अंदर भ्रूण को पर्याप्त ब्लड व अन्य पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं, जिस कारण भ्रूण जीवित नहीं पाता है।
डॉक्टर वृषभान के अनुसार हमने जीवन में यह पहला मामला देखा है। दुनिया में अब तक करीब 200 के आसपास फीट्स इन फीटू के मामले आ चुके हैं। करीब 5 से 10 लाख में एकाध मामला सामने आता है।












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