Ramesh Gholap IAS: फादर्स डे पर पिता को याद कर भावुक हुए आईएएस रमेश घोलप, लिखी ये बातें

रांची, 20 जून: IAS रमेश घोलप ने फादर्स डे के मौक पर अपने पिता को याद कर फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखी है। पिता कहते थे, एक दिन मेरा बेटा बहुत बड़ा बनेगा। आईएएस रमेश घोलप ने कहा, ''हालातों का डटकर मुकाबला करना मां ने सिखाया है और जब अपने पास सबकुछ होता है उस वकत जिन्हें हमारी जरूरत है उनके बारे में सोचना चाहिए यह सोच पिताजी से मिली है।''

आज मनाया जा रहा फादर्स डे

आज मनाया जा रहा फादर्स डे

दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में हर साल जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है। इस साल कोरोना वायरस महामारी के बीच आज (20 जून) को फादर्स डे मनाया जा रहा है। रमेश घोलप 2012 बैच के आईएएस अफसर हैं। गरीब परिवार में जन्मे रमेश घोलप ने कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद ये सफलता हासिल की है। रमेश घोलप वर्तमान में झारखंड के कोडरमा जिले में तैनात हैं।

पिता को याद कर भावुक हुए IAS रमेश घोलप

पिता को याद कर भावुक हुए IAS रमेश घोलप


सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले आईएएस रमेश घोलप ने फादर्स डे पर अपने पिता को याद कर कुछ बातें लिखी हैं। उन्होंने फेसबुक पर लिखा है, ''विभिन्न प्रतियोगिताओं में मुझे मिले पुरस्कार के फोटो सालभर हर समय पिताजी (दादा) के पास रहते थे। लोगों को वो बड़े फक्र से दिखाते थे। कहते थे, 'एक दिन मेरा बेटा बहुत बड़ा बनेगा।' हमेशा लोगों में रहना उन्हें पसंद था।उनके शुरुआती अच्छे दिनों में उन्होंने लोगों की हरसंभव मदद की।''

पिता से मिली यह सोच

पिता से मिली यह सोच

आईएएस ने आगे लिखा, ''अपने जीवन के अंतिम दौर में पिताजी बीमार रहते थे। सरकारी अस्पताल में इलाज कराते थे। मुझे हमेशा कहते थे, 'तुमको जब अच्छी नोकरी लगेगी तो मुझे किसी अच्छे अस्पताल में ले जाकर मेरा इलाज करवाना।'' उन्होंने लिखा, ''हालातों का डटकर मुकाबला करना मां ने सिखाया है और जब अपने पास सबकुछ होता है उस वक़्त जिन्हें हमारी जरूरत है उनके बारे में सोचना चाहिए यह सोच पिताजी से मिली है।''

पिता की थी पंचर की दुकान

पिता की थी पंचर की दुकान

बता दें, रमेश घोलप ने सिर्फ त्याग किया बल्कि अपनी बीमारी को भी दरकिनार करके ये मुकाम हासिल किया है। रमेश घोलप को बहुत कम उम्र में बायें पैर में पोलियो हो गया था, इसके बावजूद वह नहीं रुके। घर के हालात, आर्थिक स्थित भी अच्छी नहीं थी। पिता की पंचर की दुकान थी, जिसमें इतनी भी आय नहीं हो पाती थी कि घर का खर्च चल सके। गरीबी और पारिवारिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने अपना सपना नहीं छोड़ा। रमेश वर्तमान में झारखंड के कोडरमा जिले के कलेक्टर हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+