• search
राजकोट न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

छुट्टी से वापस कश्मीर जा रहा फौजी नहीं रुका तो पत्नी ने दी जान, पुलवामा हमले के बाद से थी परेशान

|

Gujarat News, खंभालिया/द्वारका। जम्मू-कश्मीर में पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) के बाद देशभर में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। आतंकियों से बदला लेने की मांग में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन भी हो रहे हैं। साथ ही 40 जवानों की शहादत चलते कुछ उन फौजियों के परिवार भी दहशत में हैं, जिनके भाई, बेटे या पति छुट्टी से लौटकर वापस ड्यूटी पर जा रहे हैं। गुजरात में ऐसे ही ड्यूटी पर जा रहे फौजी ने जब अपनी पत्नी के रोके जाने की बात नहीं मानी तो उसने जान दे दी।

आत्मघाती हमले के बाद से सहमी हुई थी फौजी की पत्नी

आत्मघाती हमले के बाद से सहमी हुई थी फौजी की पत्नी

घटना द्वारका जिले के खंभालिया की है। यहां के रहने वाले भूपेन्द्र सिंह जेठवा आर्मी (Indian army) से कश्मीर के गुलमर्ग में तैनात हैं। कुछ दिन पहले ही कश्मीर में भूपेंद्र हिमस्खलन में बाल-बाल बचे थे। जिसे लेकर उनकी पत्नी मीनाक्षी जेठवा (22 साल) चिंतित थी। ऐसे में बीते दिनों वह छुट्टी पर घर आए। इसी बीच 14 फरवरी को पुलवामा में भीषण आत्मघाती हमला हो गया। तब से उनकी पत्नी और ज्यादा डर गई। वह सहमी हुई थी, उधर भूपेंद्र छुट्टी पूरी कर वापस जाने की कहने लगे। तब पत्नी ने कहा, 'वहां मत जाओ, दिल बहुत घबरा रहा है।'

2 दिन पहले घर से गए मनिंदर ने पिता से कहा था- अबकी लौटूंगा तो शादी की बात होगी

घर पर छूटी अकेली तो व्यथित होकर दी जान

घर पर छूटी अकेली तो व्यथित होकर दी जान

वहीं, भूपेंद्र मातृभूमि के लिए अपना फर्ज निभाने की कहकर जाने की जिद पर अड़ गए। फौजी को कश्मीर जाने से रोकते-रोकते पत्नी व्य​थित हो उठी। इसी बीच इलाके में एक पार्टी थी, जिसमें पूरी फैमिली गई। अकेले में चिंता और भय में उसने आखिरी कदम उठा लिया। फौजी की पत्नी के अकस्मात प्राण त्याग दिए जाने का पता चलते ही इलाके में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मंगेतर से मिल ड्यूटी पर लौटा था इस मां का इकलौता बेटा, 3 दिन बाद ही शहीद, अंगूठी से हुई पहचान

कैसे हुआ था पुलवामा हमला, पूरी डिटेल जानिए

कैसे हुआ था पुलवामा हमला, पूरी डिटेल जानिए

यह हमला जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में अवंतिपोरा के गरीपोरा के पास हुआ, जब 14 फरवरी की शाम करीब 3 बजे कुछ आतंकी घात लगाकर बैठे थे। यहां हाईवे से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का काफिला गुजर रहा था। इस काफिले में 78 वाहन थे, जिनमें 16 बुलेट प्रूफ बंकर भी शामिल थे। उसी वक्त हाईवे पर काकापोरा-लेलहर की तरफ से जैश-ए-मोहम्मद एक आतंकी एसयूवी वैन में आया। वह काफिले के समांतर ही चल रहा था। उसकी वैन में करीब 80 किलो हाई-ग्रेड आरडीएक्स पैक था। करीब 3.30 बजे उसने अवंतिपोरा में काफिले की 5वीं बस में वह एसयूवी वैन टकरा दी। इससे भीषण ब्लास्ट हुआ और बस के परखच्चे उड़ गए। बस में बैठे सभी 39 जवान शहीद हो गए। इसके अलावा रोड ओपनिंग पार्टी का एक जवान भी शहीद हो गया।

पंजाब के सुखजिंदर शहीद, 7 साल की मन्नतों के बाद पैदा हुआ बेटा, 7 माह ही मिला उसे पिता का साया

12 जवान यूपी के, बाकी इन राज्यों से थे

12 जवान यूपी के, बाकी इन राज्यों से थे

बता दें कि, सीआरपीएफ के इस काफिले में 2500 से ज्यादा जवान शामिल थे। जिनमें से 40 इस हमले में शहीद हुए। इन शहीदों में 12 जवान यूपी के हैं, जबकि, 5 राजस्थान के, 4 पंजाब के हैं। इसके अलावा प.बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, ओडिशा, तमिलनाडू, बिहार के 2-2 जवान शहीद हुए। असम, केरल, कर्नाटक, झारखंड, मध्यप्रदेश, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के एक-एक जवान ने भी अपनी जान गंवाई।

शहीद का भाई PM से बोला-'अभी 3 भाई और जिंदा हैं, पाकिस्तान को आप ना उड़ा सको तो हमें बता देना...'

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Indian army's soldier wife killed himself, while he goes to back on his kashmir duty
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X