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सरकारी हथियार को अब घर नहीं ले जा सकेंगे ASI और हेड कांस्टेबल, खुशबू की मौत के बाद रोक लगी

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राजकोट। गुजरात में राजकोट के पुलिस कमिश्नर मनोज अग्रवाल ने अब हथियारों को घर ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस अधिकारियों को इस बारे में निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि, थाने में सेवारत सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) व हेड कांस्टेबल अब सरकारी हथियार घर नहीं ले जा पाएंगे। ड्यूटी पूरी होने के बाद अपनी सरकारी रिवॉल्वर या पिस्तौल पुलिस थाने में जमा करवानी होगी। दूसरे दिन ड्यूटी पर आने के बाद अपने हथियार थाने से वापस ले सकते हैं।

gujarat police revolver

खास बात यह है कि यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू करा दी गई है। ​इसके तहत थाने में सरकारी हथियार जमा कराने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। अधिसूचना में कहा गया है कि एएसआई और हेड कांस्टेबल को ड्यूटी पूरी करने के बाद अपनी पिस्तॉल यानी रिवॉल्वर थाने में ही रखनी होगी। कमिश्नर का यह फैसला दरअसल, पिछले कुछ समय से आत्महत्या के मामले में सरकारी हथियारों के उपयोग की घटनाएं सामने आने के बाद लिया है।

ASI and head constable government arms cant brings to their home

शहर के गुजरात में राजकोट के यूनिवर्सिटी पुलिस थाने की एएसआई खुशबुबेन की मौत भी सर्विस रिवॉल्वर की गोली से हुई थी। हालांकि, उस मामले में पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में सरकारी पिस्तौल का उपयोग होने की जानकारी मिली है। ऐसी ही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर द्वारा यह निर्णय लिया गया है।

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English summary
ASI and head constable government arms can't brings to their home
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