पति की जान बचाने के लिए हाथ में लाठी लेकर 400KG के मगरमच्छ से भिड़ गई पत्नी, जानिए फिर क्या हुआ?
राजस्थान के करौली जिले के मंडरायल में चंबल नदी में बन्ने सिंह को मगरमच्छ ने जकड़ लिया था। तब पत्नी ने तुरंत पानी में छलांग लगाकर मगरमच्छ के सिर पर डंडे मारकर पति को छुड़ाया।

सुहाग बचाने के लिए पत्नी ने हाथ में लाठी उठाई और चंबल नदी के पानी में छलांग लगा दी। फिर मगरमच्छ के सिर पर लाठी से ताबड़तोड़ वार करके पति को बचा लिया। मौत के मुंह से पति के सांसें छीनकर लाने वाली महिला का नाम विमला बाई है, जो राजस्थान के करौली जिले में गावं मंडरायल इलाके के गांव रोधई के कैम्कच्छ गांव की रहने वाली है।
मंगलवार को शाम चार बजे 26 वर्षीय बन्ने सिंह पुत्र केदार मीना चंबल नदी किनारे बकरियां चरा रहा था। इसी दौरान बकरियां चंबल में पानी पी रही थी। बन्ने सिंह बकरियों को लाने गया तो मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और उसके पैर को अपने जबड़े में फंसा लिया। इसके बाद मगरमच्छे उसे गहरे पानी में ले गया।
मगरमच्छ की जकड़ में आने पर बन्ने सिंह ने पास ही काम कर रही पत्नी विमला देवी को मदद के लिए आवाज लगाई। विमला देवी ने हाथ में लाठी लेकर तुरंत नदी के पानी में छलांग लगा दी और मगरमच्छ पर लाठी से ताबड़तोड़ वार किए। लाठी उसकी आंखों में ही घुसा दी। तब जाकर उसने अपने जबड़े से बन्ने सिंह का पैर छोड़ दिया।
इसके बाद विमला बाई अपने पति को कंधे पर लेकर करी 300 मीटर दूर स्थित घर पहुंची। परिजनों को सारी बात बताई और पति को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बन्ने सिंह को करौली के जिला अस्पताल में रैफर कर दिया। उपचार के बाद बन्ने सिंह को घर भेज दिया। मंडरायल से महाराजपुरा तक करीब 40 किलोमीटर में मगरमच्छों के हमले का खतरा हमेशा बना रहता है। बीते 11 साल मगरमचछ 16 लोगों की जान ले चुके हैं।
मीडिया से बातचीत में विमला देवी ने कहा कि पति की जान से बढ़कर मेरे लिए कुछ नहीं था। यही वजह है कि सामने 'मौत' थी फिर भी मैंने पानी में छलांग लगा दी। मगरमच्छ पर लाठी से वार किए। तब उसने मेरे पति को छोड़ा। पति को बचाने के लिए मगरमच्छ से लड़ने के अलावा मेरे पास कोई चारा नहीं था।












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