राजस्थान में वसुंधरा राजे की अनदेखी क्यों, आखिर राहुल गांधी कब होंगे परिपक्व नेता, बोले सतीश पूनिया
Rajasthan Politics: राजस्थान में भाजपा के गलियारों में सियासी पारा एक बार फिर से हाई होता हुआ नजर आ रहा है। अब भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर अपने मन की बात कही है।
सतीश पूनिया ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि मेरे मन में भी हो सकता है की पार्टी ने मुझे प्रदेश में कोई भूमिका क्यों नहीं दी है या भूमिका पार्टी ने दी है तो सोच समझ कर दी है। अब मैं इस पर यह निराशा व्यक्त करूं कि मुझे पार्टी ने राजस्थान में क्यों कुछ नहीं दिया तो यह मायने नहीं रखता है।
दरअसल एक दिवसीय दौरे पर रविवार को बाड़मेर पहुंचे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के पदाधिकारी से मुलाकात कर चर्चा की इस दौरान सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सतीश पूनिया पत्रकारों से रूबरू हुए।

पूनिया ने पहले तो नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद में दिए गए बयान को लेकर कहा की राहुल गांधी के बयान से जाहिर होता है वो अपरिपक्वता नेता है।
इसी लिए एक समाज एक जाति को नही बल्कि देश के पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना किसी परिपक्व नेता को पहचान नहीं है उनके इस बयान के बाद लगता है वो चीन और विदेशी ताकतों से फोन पर संपर्क में है ऐसे में इसके पीछे विदेशी ताकते हो सकती है।
इस दौरान सतीश पूनिया ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अनदेखी करने के सवाल पर कहा की वो केंद्र में मंत्री रही हैं। उन्हे पार्टी ने दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी थी ऐसे में उन की अनदेखी करने की बात गलत है पार्टी सर्वोपरि है पार्टी जो जिम्मेदारी देती है उसे निभाना हर कार्यकर्ता से लेकर बड़े नेता का धर्म है।
वसुंधरा राजे केंद्र में मंत्री और दो बार सीएम बनाया,अनदेखी का सवाल ही नहीं
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ने वसुंधरा राजे को साइड लाइन करने के सवाल जवाब देते हुए कहा की देखी और अनदेखी की परिभाषा क्या है वो मुझे नही पता लेकिन उनको लेकर यह जरूर कहना चाहूंगा कि पार्टी ने उन्हें अटल बिहारी सरकार में केंद्र में मंत्री पद की जिम्मेदारी दी।
दो बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया वो कई बार संसद और विधानसभा की कई बार सदस्य रही है वह पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है और इतने लाखों करोड़ों लोगों में उनका चंद लोगों में शुमार होना यह कोई कम सम्मान नहीं है।
ऐसे तो आज तो मेरे मन में भी हो सकता है की पार्टी ने मुझे प्रदेश में कोई भूमिका क्यों नहीं दी है या भूमिका पार्टी ने दी है तो सोच समझ कर दी है। अब मैं इसपर यह निराशा व्यक्त करूं कि मुझे पार्टी ने राजस्थान में क्यों कुछ नहीं दिया तो यह मायने नहीं रखता है जब हमने पार्टी को अपना लिया तो कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कामरूप तक पार्टी जो भूमिका दे वह हम लोग शहर्ष स्वीकार करते है।
राहुल गांधी के भाषण के पीछे विदेशी ताकतों चीन का हाथ
मुझे लगता है देश के लोकतंत्र के बारे में कहा जाता है कि भारत का लोकतंत्र परिपक्व हो गया लेकिन लोकतंत्र के साथ-साथ राजनीतिक पार्टियों परिपक्व हो गई इस चीज का कोई परीक्षण का कोई पैमाना नहीं है।
नेता परिपक्व हो गया इसका भी कोई पैमाना नहीं है और अभी भी नेता परिपक्व नहीं है इसका पैमाना राहुल गांधी है। वह उनकी गाड़ी पटरी पर दौड़ते दौड़ते कब पटरी से उतर जाए और वह जो राहुल गांधी का बयान है।
वह पटरी से उठना है लोगों ने कहा कि राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष के नाते अच्छा भाषण दिया पर एक कमी छोड़ दी यानी एक पूरी कम्युनिटी को कोई व्यक्ति ऐसे कैसे टारगेट कर सकता है या तो उनके भाषण लिखने वाला कोई गलत व्यक्ति बैठा है उनको उसके बारे में दुरुस्त करना चाहिए।
आप किसी व्यक्ति विशेष के लिए कह सकते हो किसी समाज विशेष के लिए कह सकते हो किसी दल विशेष के लिए कह सकते हो पूरे हिंदू समाज को हिंदू हिंदू कहना और हिंसक कहना हैं।
मुझे लगता है कि इसमें कहीं ना कहीं विदेशी ताकतों का हाथ है कि कहीं राहुल गांधी जो लगातार चीन से बराबर वार्तालाप करते हैं दूर भाजपा इसका नतीजा तो नहीं है इस तरीके का बयान कोई अपरिपक्व को राजनीति दे सकता है।
किरोड़ी लाल मीणा इस्तीफे पर बोले पार्टी निर्णय करेगी
प्रदेश की भजनलाल सरकार में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के अपने पद से इस्तीफा देने के सवाल पर सतीश पूनिया ने कहा कि इस्तीफा देने को लेकर उन्होंने अभी तक कोई कारण नहीं बताया है ऐसे में इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी करना में सही नहीं मानता हूं यह मामला पार्टी के प्रदेश से लेकर शीश नेतृत्व के ध्यान में है वही इस पर निर्णय करेंगे।











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