50 वर्षीय कल्लू महावर को मिल गई 30 वर्षीय दुल्हन चम्पाकली? पटवारी ने दोनों को चाय पर बुलाया
Wife Demand Rajasthan: राजस्थान के दौसा में महंगाई राहत शिविर में कैलाश महावर ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर पत्नी की मांग की, जिस पर पटवारी को आदेश मिला कि परिवादी को पत्नी उपलब्ध करवाई जाए।

Wife Demand Rajasthan: राजस्थान के दौसा जिले में प्रशासन ने 50 वर्षीय कैलाश महावर उर्फ कल्लू को पतली कमर और गोरी दुल्हन मिल गई। वो भी 30 साल की। इस संबंध में पटवारी ने तहसीलदार को रिपोर्ट भी भेज दी है।
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दौसा जिले की सिकंदरा पंचायत समिति के गांव गांगदवाड़ी पटवारी बाबूलाल गुर्जर के नाम से तहसीलदार बहरावण्डा दौसा को भेजी रिपोर्ट में लिखा है कि प्रशासन गांवों के संग अभियान में गागदवाड़ी में हल्का पटवारी को कल्लू महावर को घरवाली उपलब्ध करवाने के आदेश श्रीमान के यहां से प्राप्त हुए थे।

इस पर पटवारी ने कल्लू महावर की फरमाइश पर सुंदर, सुशील, पतली कम में दक्ष कन्या की तलाश आस-पास के गांवों में की। तलाश के दौरान 30 वर्षीय युवती नाम-चम्पाकली मौके पर मिली। इनको कल्लू महावर का फोटो दिखाया गया। युवती द्वारा कल्लू की घरवाली बनने के लिए सहमति दी गई। दोनों को चाय पर बुलाने का इंतजाम हल्का पटवारी द्वारा किया गया है।
पटवारी बाबूलाल के नाम से कल्लू के लिए दुल्हन चम्पाकली ढूंढ लेने की जानकारी वाला यह पत्र सोमवार को सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। हालांकि मीडिया से बातचीत में पटवारी बाबूलाल गुर्जर ने इसका खंडन किया है। कहा कि उन्होंने इस तरह का ना तो कोई कदम उठाया और ना ही तहसीलदार साहब के नाम कोई पत्र लिखा है।

कल्लू महावन ने ज्ञापन में यह लिखा था
'मैं घर पर अकेला रहता हूं। घर की परिस्थितयां प्रतिकूल हैं। मैं अकेला घर में परेशान रहता हूं। मैं घर पर कार्य करने में असमर्थ हूं। इसलिए घरेलू कार्य करने व मेरी सहायता के लिए पत्नी की आवश्यकता है। मुझे पत्नी उपलब्ध करवाने का श्रम करें। पत्नी पतली और गोरी होनी चाहिए। उम्र 30 से 40 साल के बीच हो और सभी कार्य में अग्रणी हो'
प्रशासन से पत्नी उपलब्ध करवाने की गुहार लगाई
राजस्थान के दौसा जिले की सिकंदरा पंचायत समिति के गांव गांगदवाड़ी निवासी कैलाश महावर उर्फ कल्लू को पतली कमर वाली पत्नी चाहिए। वो 30-40 साल की। इसके लिए कैलाश ने बाकायदा प्रशासन को ज्ञापन भी दिया है, जिसके बाद प्रशासन की टीम इसके लिए पत्नी ढूंढ़ने में लगा हुआ है।

पतली कमर वाली पत्नी वाला मामला क्या है?
दरअसल, गांव गांगदवाड़ी में 3 जून को राजस्थान सरकार की ओर से महंगाई राहत शिविर लगाया गया। 50 वर्षीय कैलाश महावर ने शिविर प्रभारी के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी पारिवारिक परिस्थिति का हवाला देते हुए पत्नी उपलब्ध करवाने को लेकर ज्ञापन सौंपा। मजेदार बात तो यह है कि नायब तहसीलदार हरिकिशन सैनी ने कैलाश का यह पत्र पटवारी को फॉरवर्ड करते हुए तीन दिन में जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश भी दे डाले।
संयुक्त टीम का गठन
पटवारी बाबूलाल गुर्जर ने भी कैलाश महावर के ज्ञापन को गंभीरता से लिया और तहसीलदार को इसका जवाब भेजा। लिखा कि 'नम्र निवेदन है कि उक्त प्रकरण में ग्राम पंचायत स्तर पर टीम का गठन किया जाए। उक्त टीम में ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, ग्राम पंचायत सरपंच की संयुक्त टीम का गठन किया जाए। ताकि समय पर पत्नी उपलब्ध करवाई जा सके। रिपोर्ट श्रीमान का सादर प्रेषित है।

किसी के कहने पर दिया ज्ञापन
कैलाश महावर का यह पत्नी की डिमांड वाला पत्र वायरल हो गया। सरपंच धर्मा देवी मीणा व पटवारी बाबूलाल गुर्जर समेत कई लोग कैलाश के घर पहुंचे। कैलाश ने उनको बताया कि गांव महंगाई राहत शिविर लगा था। गांव की दुकान व आईटी केंद्र में काम के लिए गया था। किसी ने बताय कि सरकार ने शिविर लगाया है। यहां सारे काम होते हैं। आवेदन लिखकर तहसीलदार साहब को दे दो।
मुझे शादी करनी है-कैलाश महावर
कैलाश महावर ने बताया कि 'मेरी शादी नहीं हो रही थी। मुझे लगा कि महंगाई राहत शिविर में मेरा यह काम हो जाएगा। इसलिए तहसीलदार के नाम एप्लिकेशन लिखवाकर दे दी। मुझे हर हाल में शादी करनी है। गांव के सभी लोगों के सामने भी मैं यह बात कह चुका हूं।
पत्र वायरल होने के बाद डर गया कैलाश
इस मामले में कैलाश महावर के छोटे भाई सांवलराम ने मीडिया से बातचीत में बताया कि चार भाई व एक बहन में से सिर्फ कैलाश अविवाहित हैं। बाकी सबकी शादी हो गई। कैलाश की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। कैलाश गांव में दुकानों के बाहर, स्कूल और आईटी सेंटर में सफाई का काम करता है। यह आवेदन किसी और ने लिखा है। यह वायरल होने के बाद से भाई कैलाश डरा हुआ है।












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