राजस्थान में वसुंधरा राजे का चुनावी शंखनाद, देव दर्शन यात्रा के पहले ही दिन बीच में क्यों छोड़ना पड़ा भाषण?
चित्तौड़गढ़, 23 नवंबर। भाजपा की दिग्गज नेता और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया ने मंगलवार को सांवलिया सेठ के दर्शन कर राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 का शंखनाद कर दिया। मेवाड़ में इस धार्मिक यात्रा के पहले ही दिन राजे का अनुभव अच्छा नहीं रहा। यहां पर राजे को सभा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी झेलनी पड़ी। इस पर राजे ने भाषण बीच में ही छोड़ दिया।
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सुबह 11 हेलीकॉप्टर से चित्तौड़गढ़ पहुंचीं
हुआ यूं कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया मंगलवार सुबह 11 हेलीकॉप्टर से चित्तौड़गढ़ पहुंचीं। यहां उनका पूर्व यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी, विधायक चंद्रभान सिंह, भाजयुमो जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन रूद, पूर्व सभापति सुशील कुमार शर्मा, कमलेश पुरोहित, जिला प्रमुख सुरेश धाकड़ सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।

सांवलिया सेठ के मंदिर पहुंचकर धोक लगाई
इसके बाद वसुंधरा राजे कार में सवार होकर सांवलिया सेठ के मंदिर पहुंचकर धोक लगाई। मंदिर समिति के सदस्यों ने भी उनका स्वागत किया। राजे ने पहली बार सांवरा सेठ के दर्शन कर अपनी चुनावी यात्रा की शुरुआत कर रही हैं जबकि अब तक वे राजसमंद जिले के चारभुजा मंदिर से ही शुरुआत करती आई हैं।

यशोदा भवन में सभा को संबोधित किया
सांवलिया सेठ मंदिर में धोक लगाने के बाद वसुंधरा राजे यशोदा भवन में सभा को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और भीड़ को कंट्रोल करना पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया। राजे ने जैसे ही भाषण शुरू किया तो बेकाबू भीड़ मंच पर चढ़ गई। गुस्से में राजे बैठ गई और सभा से चले जाने की बात कही।

पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल करने का प्रयास
पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल करने का प्रयास किया। राजे ने कार्यकर्ताओं को मंच से उतरने को कहा। उन्होंने कहा कि वे 2 दिसंबर को झालावाड़ आएंगी। झालावाड़ के कार्यकर्ता यहां ना आए। इसके बाद भी मंच पर भीड़ जुटी रही। गुस्से में राजे ने किसी की भी शक्ल नहीं देखने की बात कहीं।

मेवाड़ की हमेशा अहम भूमिका रही
राजस्थान सरकार बनाने में मेवाड़ की हमेशा अहम भूमिका रही है। विधानसभा में अधिकांश सीटें मेवाड़ से आई हैं। राजे 24 को चारभुनाथ जी के दर्शन के बाद 25 को फिर से जिले के बेगूं में महाश्रमण के दर्शन और पूर्व दिवंगत कैबिनेट मंत्री चुन्नीलाल धाकड़ के घर जाकर शोक संवेदना जताएगी।

इस बार सांवलिया सेठ के दर्शन से शुरुआत
बता दें कि इससे पहले भी वसुंधरा राजे सिंधिया राजस्थान विधानसभा चुनाव को देखते हुए सुराज संकल्प यात्रा, परिवर्तन यात्रा और गौरव यात्रा निकाल चुकी हैं। सभी की शुरुआत राजसमंद के चारभुनाथ नाथ जी से की थी। इस यात्रा को केवल देव दर्शन का नाम दिया गया है, जो सांवरिया सेठ के दर्शन करके शुरू की गई है।












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