हनुमानगढ़ में 6 NH प्रोजेक्ट व 7 रेलवे क्रॉसिंग पर पुलों के लोकार्पण-शिलान्यास से राजस्थान का क्या फायदा?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हनुमानगढ़ के पक्का साहरणा गांव के शहीद ओमप्रकाश ज्याणी स्टेडियम में 6 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं एवं रेलवे क्रॉसिंग पर 7 पुलों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

राजस्थान के नाथद्वारा में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 4 राष्ट्रीय राजमार्ग और 3 रेल परियोजनाओं की सौगात देने के 10 दिन अब हनुमानगढ़ को भी ऐसा ही तोहफा मिला है।
22 मई 2023 हनुमानगढ़ के गांव पक्का सहारणा स्थित शहीद ओमप्रकाश ज्यायी स्टेडियम से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने छह राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं एवं सात रेलवे क्रॉसिंग पर पुलों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया है।
हनुमानगढ़ जिले में 2050 करोड़ रुपए की लागत वाले इन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और रेलवे क्रॉसिंग पर पुलों के बनने से राजस्थान को क्या फायदा होगा? जानिए पूरी डिटेल।
1. बीकानेर से सूरतगढ़ 2-लेन पेव्ड शोल्डर का निर्माण
- लंबाई 172 किलोमीटर, लागत 501 करोड़ रुपए, नाम एनएच 62
- भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सीधी कनेक्टिविटी, सामरिक शक्ति को बल।
- राजस्थान, पंजाब के बीच सफर आसान।
- कृषि उत्पादों को मंडी तक पहुंचाना होगा आसान।
2. नागौर से बीकानेर 2-पेव्ड शोल्डर का निर्माण
- लंबाई 75 किलोमीटर, लागत 370 करोड़, नाम एनएच 62
- नागौर जिले से पश्चिमी राजस्थान का सुगम सम्पर्क।
- चार रेलवे क्रॉसिंग पर पुलों के निर्माण से निर्बाध एवं सुरक्षित।
- देशनोक स्थित करणीमाता मंदिर समेत कई धार्मिक एवं जूनागढ़ किला जैसे पर्यटन स्थलों से सीधा जुड़ाव।
3.फतेहपुर से झुंझुनूं 2-लेन पेव्ड शोल्डर का निर्माण
- लंबाई 28 किलोमीटर, लागत 116 करोड़ रुपए, नाम एनएच 11
- फतेहपुर झुंझुनूं खंड के निर्माण से बीकानेर जिले का झुंझुनूं मंडावा से सीधा सम्पर्क।
- मंडावा पर्यटन को बल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैद होंगे।
4. हनुमानगढ़ से केंचिया 2-लेन पेव्ड शोल्डर का निर्माण
- लंबाई 50 किलोमीटर, लागत 321 करोड़ रुपए, नाम एनएच 54
- कृषि उत्पादनों को मंडी तक पहुंचने में सुगमता।
- हनुमानगढ़ से बीकानेर के बीच सुगम यातायात।
- सुरावली, गोलूवाला, पक्का भदवा की हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर एवं सूरतगढ़ से सीधी कनेक्टिविटी।
5. फतेहपुर बाईपास, मंडावा बाईपास एवं झुंझूनूं बाईपास 2-लेन पेव्ड शोल्डर का निर्माण
- लंबाई 27 किलोमीटर, लागत 264 करोड़ रुपए, नाम एनएच 11
- बाईपास निर्माण से यातायात में समय एवं ईधन की बचत।
- बाईपास निर्माण से फतेहपुर, मंडावा एवं झुंझुनूं शहरों में यातायात का दबाव कम होगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
6. राजगढ़ बाईपास एवं पिलानी बाईपास 2-लेन पेव्ड शोल्डर का निर्माण
- लंबाई 13 किलोमीटर, लागत 147 करोड़ रुपए, नाम एनएच 709 ई
- बाईपास निर्माण से राजगढ़ एवं पिलानी शहरों में यातायात का दबाव कम होगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
- औद्योगिक विकास को बढ़ावा।
7. सात रेलवे क्रॉसिंह पर पुलों का निर्माण
- बीकानेर बाईपास, चूरू शहर, सादुलपुर (चूरू), परिहाड़ा गांव (चूरू), मेड़ता रोड (नागौर), नीम का थाना बाईपास (सीकर), सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर) के पास सेतुबंधन परियोजना के तहत 7 रेलवे क्रॉसिंग पर पुलों का निर्माण।
- रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैफिक जाम की समस्या से छुटकारा।
- यात्रा के समय में कटौती एवं ईधन की बचत।
- दुर्घटनाओं और प्रदूषण में कमी।












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