BJP ज्वाइन करने से पहले Subhash Maharia ने कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे इस्तीफे में क्या लिखा?
Subhash Maharia resignation letter: राजस्थान में दिग्गज जाट नेता सुभाष महरिया ने कांग्रेस छोड़ भाजपा ज्वाइन कर ली है। महरिया ने खड़गे को भेजे अपने त्यागपत्र में कई बातों का जिक्र किया है।

Subhash Maharia Join BJP: पूर्व केंद्रीय में सुभाष महरिया ने कांग्रेस क्यों छोड़ी? इसकी वजह का जिक्र खुद महरिया ने अपने उस त्यागपत्र में किया है, जो उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है। सुभाष महरिया ने अपने इस्तीफे में कई बातों को उल्लेख किया है।
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सुभाष महरिया का इस्तीफा उन्हीं की जुबानी
नमस्कार!
मेरे द्वारा कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के पश्चात असंख्य कार्यकर्ताओं के साथ जमीनी स्तर पर जी-तोड़ मेहनत की गई, जिसके परिणाम स्वरूप सीकर लोकसभा क्षेत्र में स्थित आठ विधानसभा सीटों पर कांग्रेस पार्टी को सफलता प्राप्त हुई और प्रदेश में कांग्रेस नीत सरकार का गठन हुआ।
हमारे द्वारा किसान व नौजवान को गांव-गांव ढाणी-ढाणी जाकर विश्वास दिलाने का प्रयास किया गया कि कांग्रेस नीत सरकार का गठन होने पर कांग्रेस पार्टी द्वारा घोषणा पत्र में किए गए शत प्रतिशत वादे पूर्ण किए जाएंगे।
इसके पश्चात वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 25 सीटों पर कांग्रेस पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा परंतु कांग्रेस पार्टी द्वारा एक भी समीक्षा बैठक आज तक नहीं की गई। वर्तमान में सत्ताधीन कांग्रेस नीत सरकार घोषणा पत्र के वादों को पूर्णरूप से भूला चुकी है तथा प्रदेश का कर्जमाफी और बेरोजगारी के वादों पर भरोसा करके वोट देने वाला किसान व युवा स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहा है और सीकर जिले में कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की घोर उपक्षा की गई है। अत: इस परिस्थिति में कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहकर कार्य करना मेरे लिए संभव नहीं है। अत: मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र दे रहा हूं।

सुभाष महरिया के इस्तीफे से कांग्रेस को झटका
उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 से पहले सुभाष महरिया का इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। पूर्व केंद्रीय मंत्री व सीकर सांसद रहे सुभाष महरिया ने कांग्रेस छोड़ भाजपा ज्वाइन कर ली है। शुक्रवार को जयपुर में हुए एक कार्यक्रम में सुभाष महरिया की भाजपा में घर वापसी करवाई गई।

मूलरूप से सीकर के रहने वाले सुभाष महरिया साल 1998, 1999 और 2004 में सीकर से सांसद रहे सुभाष महरिया दिग्गज जाट नेता हैं। अटल बिहार वाजपेयी सरकार में राज्यमंत्री भी रहे। 2010 में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य रहे। 2011 में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने।
सुभाष महरिया साल 2009 के लोकसभा चुनाव में हार गए। ऐसे में लोकसभा चुनाव 2014 में टिकट नहीं मिला तो निर्दलयी चुनाव लड़ा। इस बार भी हार गए। फिर भाजपा छोड़ कांग्रेस में आ गए और अब कांग्रेस छोड़ भाजपा में घर वापसी कर ली। खबर है कि सुभाष महरिया राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सीकर के लक्ष्मणगढ़ से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं।












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