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शिव प्रसाद नकाते : किसान नहीं जिला कलेक्टर हैं ये, चिमनी की रोशनी में पढ़ पहले प्रयास में बने IAS

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श्रीगंगानगर। सूट-बूट पहने खेत को सींच रहा यह शख्स कोई किसान नहीं बल्कि आईएएस अफसर है। नाम है शिव प्रसाद नकाते। इन दिनों श्रीगंगागनर के जिला कलेक्टर हैं। इनका खेत में काम करते का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

खेतों का जायजा लेने गए थे कलेक्टर

खेतों का जायजा लेने गए थे कलेक्टर

हुआ यूं कि राजस्थान में पाकिस्तान की सीमा से लगते जिलों में फसलों पर टिड्डी दल ने हमला कर रखा है। श्रीगंगानगर के खेत भी टिड्डी हमले से अछूते नहीं हैं। श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर शिवप्रसाद नकाते टिड्डी प्रभावित क्षेत्र अनूपगढ़ रावला घड़साना की खानुवाली पंचायत में नुकसान का जायजा ले रहे थे।

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 खेत में खुद ही पानी देने लगे कलेक्टर

खेत में खुद ही पानी देने लगे कलेक्टर

जब श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर शिवप्रसाद नकाते किसान रिछपाल के खेत में पहुंचे तो वह खेत में पानी लगा रहा था। यह देख कलेक्टर से रहा नहीं गया और उन्होंने किसान रिछपाल के हाथ से कस्सी लेकर खुद पानी के खाने में उतर गए और पानी लगाने लगे।

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 गांव में पिता के साथ खेत में करते थे काम

गांव में पिता के साथ खेत में करते थे काम

जिला कलेक्टर का खेत में काम करते का ​लोगों ने वीडियो बना लिया, जो खूब वायरल हो रहा है। वहीं, खुद के बीच जिला कलेक्टर को पाकर किसान भी काफी उत्साहित दिखे। जिला कलेक्टर शिवप्रसाद नकाते ने बताया कि वे खुद एक बेहद सामान्य परिवार से हैं। पिता के साथ अक्सर खेत में जाया करते थे।

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 जानिए कौन हैं आईएएस शिवप्रसाद नकाते

जानिए कौन हैं आईएएस शिवप्रसाद नकाते

बता दें कि आईएएस शिवप्रसाद मदन नकाते महाराष्ट्र के सोलापुर जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर गांव उपलाई के रहने वाले हैं। बेहद पिछड़े गांव उपलाई में मराठी माध्यम से दसवीं उत्तीर्ण की। वर्ष 1999 में बिजली का एक प्रोजेक्ट शुरू नहीं होने के कारण इनके गांव में 12-12 घंटे बिजली गुल रहती थी। तब शिवप्रसाद नकाते चिमनी की रोशनी में पढ़ते थे।

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 कम रैंक आई तो प्रशासिनक सेवा को चुना

कम रैंक आई तो प्रशासिनक सेवा को चुना

श्रीगंगानगर कलेक्टर शिवप्रसाद नकाते बताते हैं ग्रामीण परिवेश की वजह से सवाल जवाब करने में भी संकोच होता था। मेडिकल में 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद एमबीबीएस का लक्ष्य रखा, मगर रैंक डाउन आई तो प्रशासिनक सेवा में जाने का मन बना लिया। वर्ष 2008 में एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग से बीटेक करने के दौरान ही भारतीय प्रशासिनक सेवा में जाने का लक्ष्य बनाया। वर्ष 2008 से 2010 के दौरान महाराष्ट्र प्रशासिनक सेवा, वन सेवा और सीआरपीएफ में एसिस्टेंट कमांडेंट के पद पर चयन हुआ।

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 पहले प्रयास में पास की यूपीएससी एग्जाम

पहले प्रयास में पास की यूपीएससी एग्जाम

आईएएस बनने के लिए तीनों नौकरियों में से किसी को ज्वादन नहीं किया। पहले प्रयास में ही वर्ष 2010 में यूपीएससी का एग्जाम पास किया और वर्ष 2011 में आईएएस बने। शिवप्रसाद मदन नकाते कहते हैं कामयाब होने के लिए पहली बात तो लक्ष्य पूरा होने तक सफर खत्म नहीं करें और दूसरी बात ये कि खुद में लक्ष्य को हासिल करने की क्षमता विकसित कर आगे बढ़ें।

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English summary
Sri Ganganagar collector IAS shivprasad nakate Working farm Video Viral
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