Shoyab Khan: वाह शोएब वाह! पिता के ख्वाब को किया पूरा, अब असिस्टेंट प्रोफेसर में पाई 8वीं रैंक
Shoyab Khan Nuan Jhunjhunu Rajasthan: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की उर्दू लेक्चरर परीक्षा 2022 में प्रथम स्थान हासिल करने वाले झुंझुनूं जिले के गांव नुआं के शोएब खान ने एक और बड़ी सफलता अर्जित की है। उन्होंने अब असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में पूरे राजस्थान में 8वीं रैंक प्राप्त कर अपनी मेहनत और लगन का लोहा मनवाया है।
बता दें कि राजस्थान कॉलेज शिक्षा के लिए आरपीएसस ने सहायक आचार्य-उर्दू प्रतियोगी 2023 आयोजित की थी, जिसकी लिखित परीक्षा के बाद 20 जनवरी से 11 फरवरी तक साक्षात्कार हुए। 12 फरवरी 2025 को फाइनल रिजल्ट जार किया गया है। सामान्य की कट ऑफ 168.34, एससी की 122.02, एसटी की 128.58, ओबीसी की 164.53, एमबीसी की 160.71 और ईडब्ल्यूएस की 150.47 नंबर रही है।

पिता के ख्वाब को किया साकार
शोएब खान के पिता सफी मोहम्मद का 2004 में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। वे विदेश में रहते थे और जब भी घर पर पत्र भेजते, तो बेटे शोएब को 'मास्टर’ लिखकर संबोधित करते थे। अब शोएब ने राजस्थान में टॉप रैंक लाकर पिता के सपने को पूरा किया है।
गांव के सरकारी स्कूल से की पढ़ाई
शोएब की शिक्षा बेहद साधारण रही। उन्होंने कक्षा 10वीं नुआं के विवेकानंद आजाद पब्लिक स्कूल से 56.83% अंकों के साथ पास की। 11वीं और 12वीं की पढ़ाई राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नुआं से पूरी की। बाद में झुंझुनूं के मोतीलाल कॉलेज से उर्दू में एमए की डिग्री हासिल की।

रीट भर्ती से RPSC टॉप करने तक का सफर
शोएब खान ने पहले रीट भर्ती परीक्षा में भी सफलता हासिल की थी, लेकिन वह भर्ती निरस्त हो गई। इस असफलता के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और उर्दू शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू की। वे सुबह 3 बजे उठकर पढ़ाई करते थे और लगातार मेहनत करते रहे। उनके बड़े भाई सिकंदर अली खान, मां बलकेश बानो और उनके गुरुजनों ने हर कदम पर उनका समर्थन किया।

गांव और समाज के लिए प्रेरणा बने शोएब
गांव नुआं में शोएब की सफलता पर जश्न का माहौल है। गांव के जावेद खान ने कहा, "हमारे छोटे से गांव से पूरे राजस्थान का टॉपर निकलना हम सबके लिए गर्व की बात है। शोएब ने बचपन में पिता को खो दिया, लेकिन मां की हिम्मत और खुद की मेहनत से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।"
अब असिस्टेंट प्रोफेसर बने, आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा
शोएब खान अब असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयनित हो गए हैं। उनकी यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे नुआं गांव और कायमखानी समाज के लिए गर्व की बात है। उनके बड़े भाई सिकंदर खान, उनकी मां, गुरुजन और दोस्तों का इस सफलता में बहुत बड़ा योगदान रहा है।

शोएब का संदेश: हार मत मानो, मेहनत जारी रखो
शोएब खान ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, दोस्तों और गुरुओं को दिया और युवाओं को संदेश दिया कि "चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए, मेहनत और लगन से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।"
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