आरएलपी सुप्रीमो ने विधानसभा की सर्वदलीय बैठक का किया बहिष्कार,जानिए क्या है पूरी वजह
RAJASTHAN HANUMAN BAENIWAL: खींवसर विधायक और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान विधानसभा की 18 जनवरी को होने वाली सर्वदलीय बैठक के बहिष्कार का ऐलान किया है।
राजस्थान से लेकर दिल्ली तक अपनी आवाज से सियासी गलियारों से हड़कंप मचाकर रखने वाले हनुमान बेनीवाल अब लोकसभा से एक्जिट लेने के बाद विधानसभा में एंट्री के साथ ही एंग्री यंग मैन के सख्त तेवर दिखाने लगे हैं।

लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर राजस्थान विधानसभा में खींवसर से विधायक निर्वाचित हुए हनुमान बेनीवाल ने विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत होने से पहले ही सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार का ऐलान कर सियासत में हड़कंप मचा दिया है।
हनुमान बेनीवाल के सर्वदलीय बैठक के बहिष्कार करने का ऐलान किया है और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो अपलोड कर इसकी बड़ी वजह भी बताई है।
पूर्व सांसद और विधायक हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर कल दिनांक 18 जनवरी को आयोजित होने वाली सर्वदलीय बैठक मे विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मुझे भी आमंत्रित किया गया है लेकिन मैने इस बैठक का बहिष्कार करने का फैसला इसलिए किया क्योंकि राज्य का युवा पीड़ित है, परेशान हैं, सड़क पर धक्के खा रहा है, बेरोजगारी से जूझ रहा है।
नई सरकार के गठन को लेकर एक माह से भी अधिक समय हो गया मगर सरकार राजस्थान के युवाओ को न्याय देने की बात पर खामोश नजर आ रही है ।
आरपीएससी को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस की गहलोत सरकार को लेकर भी खुलकर आरोप लगातै हुए कहा कि जो आरपीएससी का सदस्य है वो जेल में होने के बाद भी उसकी सदस्यता बरकरार है। और अब तो भाजपा की प्रदेश में और देश में दोनों जगह सरकार है। आरपीएससी को तुरंत भंग करके पुनर्गठन किया जाना चाहिए।
बेनीवाल ने कहा की विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता करके कहा था की भाजपा की सरकार बनेगी तो RPSC को भंग करेंगे लेकिन सत्ता मे आने के उनकी पार्टी इस बात को लेकर खामोश गई और दुर्भाग्य इस बात का है की जिस बाबूलाल कटारा को पेपर लीक के मामले मे गिरफ्तार करके जेल मे डाला वो आज भी RPSC का सदस्य है और वेबसाइट पर भी उसका सदस्य होना दर्शाया जा रहा है।
बेनीवाल ने सरकार से सवाल करते हुए कहा की आरपीएससी को भंग कब करोगे ? इस पवित्र संस्था की गरिमा को जिस तरह विगत 20 वर्षो से तार- तार किया जा रहा है ,उसमे सुधार करने के स्थान पर आखिर भाजपा और कांग्रेस की मानसिकता से प्रेरित लोग जिन्हें अध्यक्ष व सदस्य बनाया गया, उन पर सरकार अपनी मेहरबानी कब तक बनाए रखेगी ? हम संसद में थे जब भी इसकी आवाज उठा रहे थे अब विधानसभा में आए हैं तो वहां भी खुलकर आवाज उठाएंगे ।
बेनीवाल ने यह भी कहा की लोगों को उम्मीद थी कि राज बदला है तो रिवाज भी बदलेगा लेकिन अफसरों की वो ही फौज जो गहलोत- वसुंधरा के शासन काल को चला रही थी वो ही अधिकारी इस सरकार को चला रहे है। उन्होने आरएएस मुख्य परीक्षा की तिथि को अभ्यर्थियों की मंशा के अनुरूप स्थगित करने की बात भी कही।












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