REET Paper Leak: 2 साल बाद पकड़ में आई फर्जी अभ्यर्थी द्रौपदी, जानिए कहां-कैसे काटी फरारी?
रीट पेपर लीक प्रकरण में आरोपी द्रौपदी को बाड़मेर की धोरीमन्ना पुलिस ने आधा किलोमीटर पीछा करके पकड़ा है। द्रौपदी पर 500 रुपए का ईनाम भी रखा हुआ था।

राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) के पेपर लीक प्रकरण में पुलिस को एक और सफलता हाथ लगी है। दो साल से फरार चल रही महिला द्रौपदी को पुलिस ने पकड़ लिया है। इस पर रीट पेपर लीक प्रकरण के मास्टर माइंड के साथ मिलीभगत व फर्जी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा देने का आरोप है। राजस्थान पुलिस व एसओजी दो साल इसकी तलाश में लगी हुई थी। अब इसे बाड़मेर पुलिस ने आधा किलोमीटर पीछा करके पकड़ा गया है। एसओजी की पूछताछ में द्रौपदी से रीट पेपर लीक केस को लेकर कई खुलासे हो सकते हैं।
मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक रीट 2021 फर्जी अभ्यर्थी द्रौपदी का नाम रीट पेपर लीक के आरोपी जालोर के चितलवाना निवासी उदाराम के साथ आया था। आरोप लगे थे कि मास्टरमाइंड उदाराम के साथ मिलकर फर्जी परीक्षार्थी बैठाने व मोटी रकम वसूली गई है। इस पर पुलिस ने द्रौपदी पर 500 रुपए का ईनाम भी रखा और इसकी तलाश शुरू की। दो साल द्रौपदी नाम बदलकर जयपुर व जोधपुर समेत कई जगहों पर फरारी काटती रही।
इधर, बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना एसएचओ सुखराम बिश्नोई के अनुसार राजस्थान एसओजी जयपुर के निर्देश पर गांव कोजा में आरोपी द्रौपदी की तलाश में उसके घर पर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर वह भाग गई। उसे आधा किलोमीटर पीछा करके पकड़ा। आरोपी द्रौपदी को अब एसओजी जयपुर की टीम के समक्ष पेश किया जाएगा। रीट पेपर लीक में नाम आने के बाद द्रौपदी ने अपने घर आना बंद कर दिया था। मंगलवार को मुखबिर से सूचना मिली कि वह घर पर है।
उदाराम पर आरोप है कि उसने शिवशक्ति पब्लिक स्कूल संचालक रामकृपाल की मदद से रीट पेपर लीक करवाया। रामकृपाल का शिक्षा संकुल जयपुर में आना जाना रहता था। उसने स्ट्रांग रूम से रीट का पेपर निकलवाया और उदाराम को भेज दिया। उदाराम के जरिए भजनलाल तक पेपर पहुंचा था।












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