Ravindra Singh Bhati: बर्थडे पर शिव से MLA बने रविंद्र सिंह भाटी से BJP-कांग्रेस को क्या सबक सीखना चाहिए?
Ravindra Singh Bhati Biography in Hindi: रविंद्र सिंह भाटी विधायक शिव बाड़मेर राजस्थान। साल 2019 में निर्दलीय छात्रसंघ अध्यक्ष बनकर JNVU में 57 साल का इतिहास तोड़ा और अब 3 दिसंबर को 2023 को 26 की उम्र में शिव से MLA
Ravindra Singh Bhati Youngest MLA of Rajasthan: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में शिव सीट राजनीति की प्रयोगशाला बनकर सामने आई है। वजह बना है गबरू जवान रविंद्र सिंह भाटी। शिव की जनता ने रविंद्र सिंह भाटी को अपना विधायक चुना है।
3 दिसंबर 2023 को अपने 26वें जन्मदिन पर शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक निर्वाचित हुए रविंद्र सिंह भाटी ने 16वीं राजस्थान विधानसभा में सबसे कम उम्र (नामांकन के समय 25 साल) के विधायक होने का गौरव भी अपने नाम कर लिया।

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में रविंद्र सिंह भाटी का नाम देशभर में छाया रहा, क्योंकि यह वो युवा नेता है, जिसने विधानसभा चुनाव 2023 राजस्थान में शिव सीट पर भाजपा-कांग्रेस दोनों के पसीने छूड़ा दिए। उनकी हार-जीत के सारे गणित बिगाड़ दिए। भाजपा से टिकट नहीं मिली तो बगावत कर डाली और सेब के चुनाव चिन्ह पर निर्दलीय विधायक बनकर दिखाया है।
शिव सीट पर था पंचकोणीय मुकाबला
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में बाड़मेर जिले की शिव ऐसी इकलौती सीट थी, जिस पर सबसे रोचक मुकाबला हो रहा था। ये ही वो सीट थी, जहां सबसे उम्रदराज आमीन खान और सबसे कम उम्र का प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी एक साथ चुनाव लड़ रहे थे।

शिव विधानसभा क्षेत्र चुनाव परिणाम 2023
शिव सीट पर 25 नबंवर 2023 को मतदान हुआ, जो 83.28 प्रतिशत रहा। 3 दिसंबर को मतगणना हुई। निर्दलीय रविंद्र सिंह भाटी को 79,495, कांग्रेस से बागी निर्दलीय फतेह खान को 75,545, कांग्रेस प्रत्याशी आमीन खान को 55,264, भाजपा के स्वरूप सिंह खारा को 22,820 वोट मिले। 3950 वोटों भाटी ने जीत दर्ज की।
भाजपा नेता के लिए सीख
छात्रनेता रविंद्र सिंह भाटी भाजपा से टिकट मांग रहा था, मगर भाजपा ने स्वरूप सिंह खारा को मैदान में उतारा। स्वरूप चौथे नंबर पर रहे। इनसे ज्यादा वोट तो कांग्रेस का बागी ले गया। शिव सीट से भाजपा को यह सीख जरूर लेनी चाहिए युवा नेतृत्व को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

बाड़मेर से ही भाजपा के नेता गिरधारी सिंह कोटरिया ने तो यहां तक कह दिया था कि रविंद्र सिंह भाटी की यात्राएं तो 10-15 दिन से शुरू हुई हैं। हम पांच साल से काम कर रहे हैं। ये हमें कोई नुकसान नहीं कर पाएगा। जब यहां से जसवंत सिंह जैसे दिग्गज बाड़मेर नहीं निकल पाए तो रविंद्र जैसे छोटे-मोटे लोगों की कोई गुंजाइश ही नहीं बनती। ये दो-चार हजार वोटों का नुकसान जरूर करेगा।
कांग्रेस के लिए सीख
शिव से रविंद्र सिंह भाटी की जीत ने कांग्रेस को यह सीख जरूरी दी होगी कि युवा चेहरे पर दांव लगाना ज्यादा फायदेमंद होता, क्योंकि कांग्रेस ने शिव सीट से 85 साल के अमीन खान हो मैदान में उतारा। अमीन खान शिव से कांग्रेस के विधायक भी थे। 1980 से लगातार चुनाव लड़ते आ रहे हैं। इस बार दसवीं बार टिकट मिला था। अमीन खान शिव से पूर्व में 5 बार विधायक बने थे। 2023 में तो आमीन खान टक्कर में नहीं आ पाए। तीसरे नंबर पर रहे।

रविंद्र सिंह भाटी कहां के रहने वाले हैं?
रविंद्र सिंह भाटी राजस्थान के बाड़मेर जिले की गडरारोड तहसील के गांव तलिया दुधोड़ा के रहने वाले हैं। रवसा भाटी के नाम से भी पहचाने जाने वाले रविंद्र सिंह भाटी के पिता का नाम शैतान सिंह भाटी है। रविंद्र सिंह भाटी की शादी धाऊ कंवर के साथ हुई है। इनके दो बेटे देवेंद्र सिंह भाटी व दिव्यराज सिंह भाटी हैं।

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी की संपत्ति
रविंद्र सिंह भाटी ने शिव विधानसभा सीट पर भरे नामांकन पत्र के साथ शपथ पत्र में संपत्ति का भी विवरण दिया है, जिसके अनुसार रविंद्र सिंह भाटी के पास 1,50,000 व पत्नी के पास 1,00,000 रुपए हैं। रविंद्र सिंह भाटी के पास शिव में ही दो बैंक खाते हैं। एक में 35 हजार 834 और दूसरे में 10000 रुपए जमा हैं। इनके पास 30 हजार 900 रुपए के आभूषण व पत्नी के पास 19 लाख 32 हजार के आभूषण हैं।
रविंद्र सिंह भाटी का राजनीतिक कॅरियर
रिवंद्र सिंह भाटी ने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रख दिया था। साल 2019 में जेएनवीयू में 1294 वोटों से निर्दलीय छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए थे, जो 57 साल के इतिहास में पहली बार हुआ था। अब शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक बनकर 75 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया।












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