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राजपूत दूल्हे ने लौटाया लाखों रुपयों से भरा थाल, ससुर के सामने जोड़ लिए हाथ, देखें VIDEO

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Sikar News, सीकर। दहेज के लिए एनवक्त पर शादी टूटना या शादी के बाद विवाहिता से मारपीट करना। घर से निकाल देना और तलाक तक की नौबत आ जाना। इस तरह के मामले तो आए दिन सामने आते रहते हैं, मगर कुछ परिवार ऐसे भी होते हैं, जो दहेज जैसी कुरीति के खिलाफ फैसला लेते हैं और समाज में सराहनीय संदेश देते हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है राजस्थान के रापजूत परिवार ने।

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झुंझुनूं से सीकर आई थी बारात​

झुंझुनूं से सीकर आई थी बारात​

दरअसल, राजस्थान के झुंझुनूं (Jhunjhunu) जिले के गांव बाघोली निवासी नंद सिंह शेखावत के बेटे लोकेश सिंह शेखावत की शादी 23 अप्रैल को सीकर (Sikar) निवासी तेजसिंह राठौड़ की बेटी सोनल राठौड़ के साथ हुई। शादी में टीके की रस्म के दौरान ससुर तेजसिंह राठौड़ ने दूल्हे लोकेश को बतौर दहेज 11 लाख रुपयों से भरा थाल थमाया।

ससुर के सामने जोड़ लिए हाथ

ससुर के सामने जोड़ लिए हाथ

टीके की रस्म के दौरान दूल्हे लोकेश ने 11 लाख रुपए का दहेज लौटाया (Bina Dahej ki shaadi) तो एक बारगी हर किसी को लगा कि दूल्हा ज्यादा दहेज चाह रहा हो, मगर बाद में उन्होंने ससुर के सामने हाथ जोड़ लिए और दहेज के खिलाफ होने की बात बताई। दहेज लौटाकर दूल्हे ने समाज के लिए अच्छा संदेश दिया तो बेटी का रिश्ता इतने अच्छे घर से जुड़ने पर पिता की आंखें खुशी में नम हो गई।

दूल्हे के पिता बोले-दहेज के बाद जुआरी भी बंद

दूल्हे के पिता बोले-दहेज के बाद जुआरी भी बंद

(Rajasthan Rajput Groom) राजस्थान की शादियों में एक परम्परा है कि दुल्हन पक्ष की ओर से दूल्हा समेत सभी बारातियों को सम्मान स्वरूप रुपए दिए जाते हैं, जिसे स्थानीय भाषा में जान जुआरी कहा जाता है। दूल्हे के पिता नंदसिंह शेखावत ने बताया कि बेटे लोकेश की शादी से उनके परिवार ने दहेज लेना बंद कर दिया था। साथ ही अपने काकासो की प्रेरणा से उन्होंने जुआरी लेने की कुरीति भी बंद करने का फैसला लिया है।

दुल्हन के पिता बोले-नसीबों वालों को मिलते हैं ऐसे अच्छे संबंधी

दुल्हन के पिता बोले-नसीबों वालों को मिलते हैं ऐसे अच्छे संबंधी

(Rajput Bride) दुल्हन सोनल के पिता तेजसिंह राठौड़ ने बताया कि उनके दामाद को जब वे दहेज में 11 लाख रुपए दे रहे थे तब उन्होंने दहेज लेने से इनकार कर दिया। सगाई के दौरान ही उन्होंने कह दिया था कि वे और उनका परिवार दहेज प्रथा के खिलाफ है। सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के पक्ष में खड़े होने वाले संबंधी व दामाद किसी नसीब वाले को ही मिलते हैं।

पढ़ा-लिखा है दोनों का परिवार

पढ़ा-लिखा है दोनों का परिवार

(Rajpur Dulha) दूल्हा लोकेश व दूल्हन सोनल का परिवार पढ़ा-लिखा है और नौकरी में है। परिवार के संस्कारों के साथ-साथ यह शिक्षा का भी नतीजा है कि शादी में लाखों का दहेज ठुकरा दिया गया। दूल्हे के पिता नंद सिंह शेखावत जेल सुप्रीडेंट और दुल्हन के पिता तेजसिंह राठौड दूल्‍हन प्रिंसीपल हैं। खुद दूल्हा-दुल्हन इंजीनियर हैं।

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English summary
Rajput Groom Returned 11 lakh of Dowry To Father in law in Sikar
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