राजस्थान बारिश अपडेट: जुलाई में आसमान से पानी के साथ रिकॉर्ड भी बरसे, अगस्त की क्या भविष्यवाणी?
Rajasthan Monsoon 2025: राजस्थान में जुलाई 2025 की बारिश ने इतिहास रच दिया। जहां खेतों को राहत मिली, वहीं गांव-शहरों को जलजमाव और बांधों को रिकॉर्ड तोड़ जलस्तर का सामना करना पड़ा। बीते 30 दिनों में आसमान से न केवल मूसलाधार पानी बरसा बल्कि 69 साल में दूसरी बार इतनी अधिक बारिश हुई, रिकॉर्ड टूटने से बस थोड़ा पीछे रह गया। पहली बार बीसलपुर बांध के गेट जुलाई में ही खोलने पड़े हैं। अब सवाल यह है कि आखिर अगस्त में मानसून का मिजाज कैसा रहेगा?
राजस्थान मौसम विभाग के अनुसार जुलाई माह में पूर्वी से लेकर पश्चिमी राजस्थान में बदरा जमकर बरसे हैं। इस बार अकेले जुलाई में राज्य में औसत से 77 फीसदी (कुल 285 एमएम) अधिक बारिश रिकॉर्ड गई है। ऐसी बारिश 69 साल पहले साल 1956 में जुलाई माह में 308 एमएम हुई थी। मानसून 2025 में जुलाई में बीते छह दशक में दूसरी सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

जयपुर: दस गांवों का कनेक्शन कटा
राज्य के अधिकांश बांध इन दिनों ओवरफ्लो चल रहे हैं। नदी-नाले भी उफान पर हैं। खंडार में हाईवे टूटने के कारण सवाई माधोपुर का मध्यम प्रदेश से कनेक्शन टूट गया।
जयपुर का कानोता बांध भी छलक आया है। यह बांध ओवरफ्लो होने के कारण नायला सड़क मार्ग गुरुवार को टूट गया और करीब दस गांवों का शहर से सम्पर्क टूट गया।
चूरू: तारानगर पुलिस थाने में पानी घुसा
शेखावाटी अंचल के चूरू में भी सावन झूमकर बरसा है। जिले के तारानगर में तो पुलिस थाना परिसर ही जलमग्न हो गया। गांव लालासर में दो व रतननगर में तीन मकान गिर गए। वहीं, तारानगर में छह और रतनगढ़ में पांच इंच पानी बरसा है।
बारां: नारायण खेड़ा बांध खेड़ा डैम टूटने का खतरा
बारां जिले में पांच दिन से जोरदार बारिश हुई है। तालाब ओवरफ्लो होने के कारण नारायण खेड़ा बांध के टूटने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में खतरे को देखते हुए गुरुवार रात को केलवाड़ा से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से केलवाड़ा भेजा गया है। ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा जा सके। उधर, नवल सागर झील भरने के बाद पहली बार पांच गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई।
अगस्त में कैसा रहेगा मानसून?
महीने के पहले ही दिन शुक्रवार को झुंझुनूं समेत कई आस-पास के कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई है। मौसम विभाग की मानें तो दो अगस्त 2025 से बारिश सिलसिला थम सकता है, लेकिन तीन और छह अगस्त तक फिर बारिश हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इस बार जुलाई में बारिश रिकॉर्ड स्तर पर रही, लेकिन अगस्त में हालात थोड़े अलग रहने की संभावना है। अगस्त में दक्षिण-पश्चिम और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य के आसपास बारिश होने की संभावना है। जुलाई की तुलना में अगस्त में थोड़ी कम बारिश देखने को मिल सकती है।
3 अगस्त से भारी बारिश का नया दौर
राधेश्याम शर्मा के अनुसार, 3 अगस्त से उत्तर-पूर्वी राजस्थान (विशेषकर जयपुर और भरतपुर संभाग) में भारी बारिश का नया स्पेल शुरू होगा। 4 और 5 अगस्त को भरतपुर संभाग व आसपास के जिलों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे निचले इलाकों व अंडरपास में जलभराव की स्थिति बन सकती है और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।












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