Rajasthan Election 2023: लाल डायरी वाले नेता गुढ़ा बोले-'गहलोत को CM बनाने में मदद की, मुझ पर ही करा दी FIR'
Rajendra Singh Gudha vs CM Ashok Gehlot: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की बयार के बीच उदयपुरवाटी विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा फिर सुर्खियों में हैं। पहले मंत्री पद से हटाने, फिर लाल डायरी लेकर आने, उसके बाद शिवसेना ज्वाइन कर लेने और अब एफआईआर ने राजेंद्र गुढ़ा को चर्चा में ला दिया।
राजकीय महाविद्यालय के लोकार्पण के दौरान हुई हाथापाई के मामले में एससी/एसटी एक्ट सहित मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। उदयपुरवाटी थाना पुलिस ने गुढ़ा समेत एक दर्जन को आरोपी बनाया है।

मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि ' राजस्थान में जल्द ही विधानसभा चुनाव 2023 की आचार संहिता लगने वाली है। मैं तो सोच रहा था गहलोत जी थक गए होंगे, मगर गहलोत थके नहीं, उन्होंने एक और प्रयास किया है। मेरे खिलाफ फिर मुकदमा दर्ज करवाया है।'
राजस्थान के सियासी गलियारों में लाल डायरी वाले नेता के नाम से भी फेमस हो चुके पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि 'अशोक गहलोत अकेले ही मुख्यमंत्री नहीं बने। उन्हें दो बार मुख्यमंत्री बनाने और सरकार बचाने में गुढ़ा ने अग्रिम पंक्ति में रहकर भूमिका निभाई है। जो कह रहे हैं कि गहलोत जी ने कॉलेज बनवाया है। वो मेडिकल यूनिवर्सिटी की घोषणा करवा लें, जिस तरह से पुलिस कह रही कि सरकार की परामर्श के बाद मामला दर्ज किया है। इसका मतलब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुकदमा दर्ज करवाया है।'
उदयपुरवाटी एसएचओ सुरेश सिंह के अनुसार गांव धनावता के अशोक राठी ने विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा और उनके समर्थक प्रताप सिंह नांगल, दशरथ सिंह नांगल, पिंटू स्वामी, गोविंद वाल्मीकि, राकेश मीणा पचलंगी, निजी सहायक कृष्ण व दीपेंद्र सिंह, टोनी पौंख, राजेंद्र मारवाल, रविंद्र ठेकेदार, साहिल गुढ़ा, गजेंद्र सिंह शेखावत, जितेंद्र सिंह गिरावड़ी, दीपक स्वामी और अन्य के खिलाफ 29 सितंबर का मामला दर्ज करवाया था।
अशोक राठी ने सरकारी कॉलेज के उद्घाटन समारोह के दौरान अशोक गहलोत जिंदाबाद के नारे लगाने पर विधायक गुढ़ा के समर्थकों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है।












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