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'कोटा में आत्महत्या के लिए प्रेम संबंध जिम्मेदार', राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का विवादित बयान

Rajasthan News: राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हाल ही में कोटा में छात्रों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। कोचिंग हब कोटा जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रसिद्ध है। इस साल की शुरुआत से चार छात्रों की आत्महत्या का गवाह बना है। 2024 में ऐसी घटनाओं की संख्या 17 तक पहुंची। इस दुखद प्रवृत्ति के पीछे मंत्री ने प्रेम संबंधों और अत्यधिक शैक्षणिक दबाव को एक प्रमुख कारण बताया है।

कोटा में छात्रों पर बढ़ता दबाव

कोटा में हजारों छात्र आईआईटी, एनईईटी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। यह शहर शिक्षा का केंद्र बन गया है। लेकिन यहां के कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई का तीव्र दबाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि कोचिंग सेंटर की नियमित जांच की जाती है। लेकिन साथियों का प्रभाव और पारिवारिक दबाव छात्रों को मानसिक तनाव की ओर धकेल सकता है। उनके अनुसार माता-पिता को अपने बच्चों की मानसिक स्थिति और भावनात्मक जरूरतों को समझना चाहिए।

madan dilawar

प्रेम संबंध को बताया एक कारण

मदन दिलावर ने यह भी कहा कि कई बार प्रेम संबंध छात्रों को मानसिक रूप से कमजोर कर देते हैं। जो आत्महत्या जैसे कदम उठाने की ओर ले जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि माता-पिता को बच्चों की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखनी चाहिए और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देना चाहिए। यह बयान कोटा में छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य और उनके संघर्षों को उजागर करता है।

माता-पिता के लिए दिलावर की अपील

मंत्री ने माता-पिता से बच्चों के लिए सहायक वातावरण बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों पर शैक्षणिक दबाव कम करें और उनकी रुचियों को पहचानें। दिलावर का मानना है कि संवाद की खुली लाइनें बच्चों को अवसाद और तनाव से बचाने में मदद कर सकती हैं। छात्रों को केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं। बल्कि उनकी रुचियों और व्यक्तिगत विकास के माध्यम से भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

शिक्षा मंत्री की बहुमुखी भूमिका

दिलावर ने यह बयान बूंदी में एक कार्यक्रम के दौरान दिया। जहां उन्होंने भूमि स्वामित्व कार्ड वितरित किए। उनका यह बयान कोटा जैसे शैक्षणिक केंद्रों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंता को दर्शाती है। इसके साथ ही उन्होंने पंचायती राज विभाग और शिक्षा प्रणाली के बीच संतुलन स्थापित करने पर जोर दिया।

समाज की सामूहिक जिम्मेदारी

शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रों की आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकने के लिए माता-पिता, शिक्षक, और नीति निर्माताओं का सामूहिक प्रयास आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देकर और अकादमिक अपेक्षाओं को संतुलित करके छात्रों के लिए एक स्वस्थ वातावरण बनाया जा सकता है। छात्रों की व्यक्तिगत खुशी और मानसिक संतुलन को ध्यान में रखकर एक सहायक और पोषणकारी माहौल तैयार करना होगा।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की टिप्पणी कोटा में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के पीछे के जटिल कारकों को उजागर करती है। माता-पिता की बढ़ती सतर्कता, शैक्षणिक दबाव कम करने और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का समर्थन करने की उनकी अपील शिक्षा के प्रति अधिक दयालु दृष्टिकोण की आवश्यकता को रेखांकित करती है। जैसे-जैसे समाज इन घटनाओं से निपटने के लिए समाधान तलाशता है। छात्रों के लिए एक सकारात्मक और सहायक वातावरण बनाना महत्वपूर्ण हो जाता है।

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