Rajasthan Assembly News: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जताई नाराजगी, सदस्यों को दी दो टूक चेतावनी
Rajasthan Legislative Assembly News: जयपुर विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान विधायकों के प्रश्न वापस लेने और अधिकारियों की गैर मौजूदगी पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कड़ी नाराज जताई। विधानसभा अध्यक्ष देवनानी विधायकों को प्रश्न वापस लिया गया की अनुमति भविष्य में देने से इनकार तक कर दिया।
विधानसभा के सदन में आज विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने प्रश्नकाल के दौरान जिन विभागों के सवाल लगे उनके अधिकारियों गैर मौजूदगी पर सूची मांग कर कार्रवाई करनी की बात कहकर अफसरों के पसीनें छुड़ा दिए है।
संसदीय कार्यमंत्री को भी देवनानी ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि आप मुझे सूचना देंगे कि कौन अधिकारी आया है और कौन नहीं आया है।

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी के तेवरों के देख संसदीय कार्यमंत्री ने सदन में खड़े होकर हाथ जोड़े और कहां कि आगे से कोई भी अधिकारी आपकों अनुपस्थित नहीं मिलेगा। इसके बाद भी अध्यक्ष देवनानी ने सख्त लहजे से कहा कि अनुपस्थित रहे तो मुझे बताना मैं कार्यवाही करूंगा।
राजस्थान की विधानसभा में क्यों अध्यक्ष ने सदस्यों को दी दो टूक चेतावनी ! pic.twitter.com/tPg4aYbetd
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) July 30, 2024
इस दौरान प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा प्रश्न लगा कर ब्लैकमेलिंग करने के भी आरोप लगाए गए है जिसके बाद सदन में जमकर हंगामा हो गया।
प्रश्नकाल के दौरान बांसवाड़ा जिला परिषद में ट्रांसफर को लेकर विधायक अर्जुन सिंह बामनिया ने सवाल उठाया, हालांकि बामनिया सवाल के मिले उत्तर को लेकर संतुष्ट नजर आए और पूरक सवाल करने से इनकार किया तो
इस दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने चुटकी लेते हुए कह दिया कि उनके संतुष्ट होने का कारण भी जान लीजिए, यह ब्लैकमेल करने के लिए इस तरह के सवाल लगते हैं।
बस फिर क्या था, शिक्षा मंत्री की चुटकी का ऐसा दर्द हुआ कि पूरा विपक्ष खड़ा हो गया और हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम ने सप्लीमेंट्री सवाल नहीं पूछने पर कहा कि विधायक सवाल पूछे या नहीं पहुंचे, लेकिन जवाब देने का अधिकार मंत्री का है। इसके बाद हंगामा बढ़ने लगा तो अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मामला शांत कराया।
दरअसल आज प्रश्नकाल के दौरान विधायक धर्मपाल की ओर से प्रश्न स्थगित करने के मामले पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कड़ी नरजाई, उन्होंने कहा कि अक्सर देखने में आ रहा है कि कई बार विधायक सवाल लगते हैं, लेकिन बाद में उसे स्थगित करने के लिए बोलते हैं।
सवाल लगाने के बाद स्थगित करने का प्रावधान है, लेकिन वह सिर्फ विशेष परिस्थितियों में है। इस बार देखने में आया है कि 6 से 7 विधायकों ने पहले सवाल लगाया और बाद में उन्हें स्थगित कर दिया, यह गंभीर मामला है। इस तरह से नहीं होना चाहिए।
देवनानी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में अगर कोई भी विधायक सवाल लगता है और उसे स्थगित करना चाहेगा तो उसे स्थगित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विधानसभा में एक सवाल के दौरान अधिकारियों की गैर मौजूदगी पर भी वासुदेव देवनानी कड़ी नाराजगी ताई उन्होंने कहा कि देखने में आ रहा है कि प्रश्नकाल के दौरान जिन विभागों के सवाल लग रहे हैं, उनके अधिकारी सदन में मौजूद नहीं होते हैं। यह बड़ी गंभीर बात है जो अधिकारी सदन मौजूद नहीं है उन सब की सूची बनाकर दिजिए मैं कार्यवाही करूंगा।












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