Rajasthan Chunav 2023: राजस्थान में हर पांच साल बाद बदल जाती है सरकार, यह परिपाटी कितनी सही?
Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान के बारे में कहा जाता है कि यहां पर परिपाटी चली आ रही है कि पांच साल में सरकार बदल जाती है। एक बार कांग्रेस, एक बार भाजपा।
Rajasthan Assembly Election History: राजस्थान चुनावी मोड में आ चुका है। इसी साल दिसम्बर में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस अपनी सरकार को बरकरार रखने में एडी-चोटी का जोर लगा रही है तो पांच साल बाद सत्ता में वापसी के लिए भाजपा भी कोई कसर नहीं छोड़ रही।

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 से पहले बीते 10 माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ बार राजस्थान का दौरा कर चुके हैं। इस अवधि में पीएम मोदी ने औसतन हर 38वें दिन राजस्थान में किसी ना किसी कार्यक्रम में शिरकत करके भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की है।
इधर, अशोक गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने भी चुनावी साल में 19 नए जिले, 500 रुपए में सिलेंडर, महिलाओं को फ्री मोबाइल, महंगाई राहत शिविर जैसी कई शानदार घोषणाओं के दम पर चुनाव मैदान में उतरने वाली है और राजस्थान में लगातार दूसरी बार कांग्रेस की सरकार बनाने की कोशिश में है।
अब जानिए उस परिपाटी के बारे में जिसमें कहा जाता है कि राजस्थान में हर पांच साल में सरकार बदल जाती है। बारी-बारी से कांग्रेस व भाजपा की सरकार बनती है। इस परिपाटी के हिसाब से देखें तो राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में जीत की बारी भाजपा की है।
यह परिपाटी कितनी सही है? इसका जवाब है आधी से भी कम, क्योंकि साल 1951 से लेकर साल 2018 तक 72 साल में राजस्थान विधानसभा के 24 बार चुनाव हो चुके हैं। इनमें से सिर्फ पिछले 5 चुनावों में ही यह पांच साल बाद सरकार बदलने की परिपाटी काम कर पाई है। पहले के चुनावों में इसका कोई असर कभी नहीं दिखा।
पांच साल में राजस्थान की सरकार बदलने का सिलसिला राष्ट्रपति शासन के बाद विधानसभा चुनाव 1993 से शुरू हुआ, जो विधानसभा चुनाव 2018 तक जारी रहा। आगे साल 2023 में क्या होगा? कुछ कहा नहीं जा सकता।
दरअसल, राजस्थान विधानसभा चुनाव 1990 में भाजपा पहली बार जीतकर राजस्थान की सत्ता में आई। भैरों सिंह शेखावत सीएम बने। दो साल सरकार चली और 15 दिसम्बर 1992 से 2 दिसम्बर 1993 तक राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लागू रहा।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 1993- भाजपा
राष्ट्रपति शासन हटने के बाद राजस्थान में फिर भाजपा की सरकार बनी। भैरों सिंह शेखावत सरकार ने पांच साल पूरे किया। इसी कार्यकाल से पांच साल बाद सरकार बदल जाने की परिपाटी शुरू हुई।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 1998- कांग्रेस
विधानसभा चुनाव 1998 में भाजपा की हार हुई। कांग्रेस ने जीत दर्ज और अशोक गहलोत पहली बार मुख्यमंत्री बने। 1 दिसम्बर 1998 से 8 दिसम्बर 2003 तक पांच साल का कार्यकाल भी पूरा किया।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2003-भाजपा
पांच साल में बदलने वाली परिपाटी के हिसाब भाजपा की बारी थी। हुआ भी ऐसा ही। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2003 में कांग्रेस की हार हुई और अशोक गहलोत दूसरी बार सीएम नहीं बन सके। भाजपा की जीत हुई और वसुंधरा राजे सिंधिया पहली बार सीएम बनीं। इन्हें राजस्थान की पहली महिला सीएम बनने का भी गौरव हासिल हुई।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2008-कांग्रेस
साल 2008 आते-आते राजस्थान की जनता पांच साल में सरकार बदलने वाली परिपाटी पर गौर करने लगी थी और अनुमान भी लगाने लगी थी कि 2008 के चुनाव में परिपाटी के हिसाब से कांग्रेस के सत्ता में आने की बारी है। हुआ भी ऐसा ही। कांग्रेस जीती और अशोक गहलोत फिर दूसरी बार सीएम बने। 12 दिसम्बर 2008 से 13 दिसम्बर 2013 तक पांच का कार्यकाल पूरा किया।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2013-भाजपा
अब तो यह पांच साल बाद सरकार बदलने वाली परिपाटी पर राजस्थान की जनता विश्वास सी करने लगी। विधानसभा चुनाव 2013 में कांग्रेस हारी। भाजपा जीती और वसुंधरा राजे सिंधिया को दूसरी बार सीएम बनने का मौका मिला। पांच साल तक कार्यकाल भी पूरा किया।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018-कांग्रेस
साल 2018 में भी परिपाटी सही साबित हुई। भाजपा हारी। कांग्रेस जीती और अशोक गहलोत तीसरी बार सीएम बने। सबसे लंबे समय 15 साल तक सीएम की कुर्सी पर आसीन रहने का रिकॉर्ड है। दूसरा सबसे बड़ा लंबा कायर्काल भी कांग्रेस सीएम मोहनलाल सुखाडिया का रहा।
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