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Nathi ka Bada Rajasthan : पता लग गया कहां है नाथी का बाड़ा, ये भी जान लो आखिर कौन थीं नाथी बाई?

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Pali, 14 Apr : राजस्थान में नाथी का बाड़ा चर्चा में है। लोग इसका मतलब जानने के लिए गूगल पर खूब सर्च कर रहे हैं। अपने-अपने हिसाब से इसके कई मायने निकाल रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई तरह के मीम बना रहे हैं। वहीं, शिक्षक वर्ग में इसे लेकर खासी नाराजगी भी है।

    राजस्थान में नाथी का बाड़ा के बाद खाला का बाड़ा ट्रेंड में, असम वालों की बाड़ाबंदी भी
    नाथी का बाड़ा क्यों सुर्खियों में

    नाथी का बाड़ा क्यों सुर्खियों में

    दरअसल, नाथी का बाड़ा पांच दिन पहले तब अचानक सुर्खियों में आया जब राजस्थान के शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने अपने आवास पर ज्ञापन देने आए शिक्षकों को कह डाला कि उन्होंने उनके घर को नाथी का बाड़ा समझ रखा है क्या? इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

    Nathi ka Bada Video : राजस्थान में नाथी का बाड़ा के बाद खाला का बाड़ा ट्रेंड में, असम वालों की बाड़ाबंदी भी

     नाथी का बाड़ा एक लोकोक्ति है

    नाथी का बाड़ा एक लोकोक्ति है

    राजस्थान में 'नाथी का बाड़ा' सिर्फ एक कहावत (लोकोक्ति) ही नहीं बल्कि किस्सा है। यह कहां से और कैसे शुरू हुई इसका इतिहास डेढ़ सौ से दो साल पुराना और बेहद रोचक है। शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की 'नाथी का बाड़ा' वाली टिप्पणी के बाद अब नाथी का बाड़ा ढूंढ लिया गया है।

    पाली के रोहट में है नाथी का बाड़ा

    दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार नाथी का बाड़ा की लोकोक्ति नाथी बाई नाम की एक महिला से शुरू हुई थी। नाथी बाई राजस्थान के पाली जिले की रोहट तहसील के गांव भांगेसर की रहने वाली थीं। करीब सौ साल पहले नाथी बाई का निधन हो गया, मगर भांगेसर में उनका परिवार रहता है।

    नाथी का बाड़ा का इतिहास

    नाथी का बाड़ा का इतिहास

    कहते हैं कि नाथी बाई दानशीलता की साक्षात देवी थीं। जरूरतमंदों के लिए उनके घर पर कमरे अनाज से भरे रहते थे। इसके ​अलावा वे नकद राशि भी दान करती थीं। खास बात यह है कि दान करते समय नाथी बाई ना तो अनाज को तोलती और ना ही नोटों को गिनती करती थी। वे मदद के लिए लोगों को रुपए मुट्‌ठी में भरकर देती थीं। उनके घर लोग बेझिझक आकर मदद मांगते थे। ऐसे में उनके घर को नाथी का बाड़ा कहा जाने लगा था। बाड़ा यानी ऐसी जगह जहां से कभी भी कोई भी जाकर मदद ले सकता है।

     नाथी का बाड़ा में बन गए पक्के मकान

    नाथी का बाड़ा में बन गए पक्के मकान

    रियासतकाल में बनाया गया नाथी का बाड़ा यानी नाथी बाई का घर जर्जर हो जाने के कारण उनके परिवार के सदस्यों ने मकान का नवीनकरण करवाकर वहां पक्के मकान बनवा लिए। उनके घर के प्रवेश द्वार पर लगाए गए पत्थर पर खुदाई से 'नाथी भवन' लिखा हुआ है। घर की ओर जाने वाली गली शुरू होते ही एक चबूतरा भी है, जिसे नाथी बाई ने बेटी की शादी में व्रत पालन के दौरान बनवाया था।

     नाथी भवन में बनी है नाथी मां की बैठक

    नाथी भवन में बनी है नाथी मां की बैठक

    नाथी बाई को लोग नाथी मां कहकर भी पुकारते थे। उनके 69 वर्षीय पड़पौते नरसिंहराम व उनकी पत्नी गंगा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि नाथी भवन में नाथी मां की बैठक भी बनी हुई थी। नाथी मां से जुड़ी एक किवंदती है कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी में 60 गांवों के लोगों को बुलाया था। स्नेह भोज में घी की नालियां बही थी। घी बहता हुआ गांव के प्रवेश द्वार (फला) तक पहुंच गया था।

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    English summary
    nathi ka bada in Bhangesar Rohat Pali Rajasthan nathi bai biography in Hindi
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