GROUND REPORT RAJASTHAN: डिग्गी के कल्याणधणी का लक्खी मेला परवान पर, लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Diggi Kalyan Temple News: राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध टोंक जिले के डिग्गी कस्बे में आयोजित होने वाला श्रीजी यानी कल्याणधणी का लक्खी मेला परवान पर है। आज जयपुर के ताड़केश्वर महादेव पहुंची लक्खी पदयात्री अपना झंडा भगवान को चढ़ाएंगे वहीं इसके बाद मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के पदयात्रियों का रैला देखने को मिलेगा।
राजस्थान में सावन के महीने में कई धार्मिक मेलों का आयोजन परम्परागत तरीकों से सालों से चलता रहा है। आज भी जब मेलों की बात होती है तो सबसे पहले कल्याणधणी के जयकारें गूंजते हुए सुनाई देते है।
चलिए आपकों ले चलते है टोंक जिले के डिग्गी में कल्याणधणी की पदयात्रा पर, जहां भक्तों का रैला सड़कों पर फैला हुआ नजर आ रहा है। कोई मीलों पैदल यात्रा कर कल्याणधणी के दर्शन पाने को आतुर नजर आ रहा है तो कोई अपनी मन्नौति पूरी होने पर कनक दंडवत लगाता हुआ जयकारें बोल रहा है।

वन इंडिया हिंदी की टीम पहुंची डिग्गी कस्बे में जहां कल्याणधणी के लक्खी मेले में को लेकर पदयात्रियों के साथ मेला समिति के संयोजक और ग्राम पंचायत के विकास अधिकारी से बातचीत कर जानकारी ली।
हमारी टीम जैसे ही डिग्गी पहुंची तो डूंगरीकलां गांव के एक श्रद्धालुओं के जत्थे से मुलाकात हो गई। कल्याणधणी के जयकारें के साथ और डीजे की धुनों पर नाचते हुए आ रहे इस जत्थे से हमारे संवाददाता ने खास बातचीत की।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने कल्याणधणी के मान्यताओं और आस्था को लेकर पूरी जानकारी दी। भक्तों ने बताया कि यहां पर दर्शन मात्र से कोढ़ जैसी नासूर बिमारी का भी इलाज हो जाता है।
यहां पर आने वाले अंधे भक्तों की आंखों की रोशनी भी कल्याणधणी के दर्शन मात्र से लौट आती है। युवाओं ने यहां तक बताया कि भगवान कल्याणधणी की आस्था रखने वालों को तो खुद भगवान दर्शन भी देते है। यहां तक बेरोजगार युवाओं को नौकरियां तक भगवान कल्याणधणी लगवा चुके है।
महिला भक्तों ने बताया कि हम तो कई पीढ़ियों से कल्याणधणी के दर्शनों के लिए सावन के महीने में पैदल यात्रा करके आते है। हमारी और हमारे परिवार की सभी समस्याओं को भगवान कल्याणधणी दूर करते है।
आपकों बता दे कि कल्याणधणी का सावन के महीने में लक्खी मेले का आयोजन हर साल होता है। यहां पर राजधानी जयपुर सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात सहित कई राज्यों और प्रदेश के सभी जिलों से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते है।
इस मंदिर की मान्यता यह भी है कि यहां पर दर्शन मात्र से कोढ़ जैसी नासूर बिमारी का इलाज होता है। जिन महिलाओं के बच्चे नहीं होते है उनके भी गर्भ से बच्चे होने लगते है।
नोट- वन इंडिया हिंदी किसी भी प्रकार से अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता है। हमारी यह खबर लोगों की दी गई जानकारियों के हिसाब से है।












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