Gaurav Budania : अमावस्या ने रोकी LBSNAA में एंट्री, IAS गौरव बुडानिया ने शेयर की दिल की बात
IAS Gaurav Budania at LBSNAA: राजस्थान कैडर के आईएएस गौरव बुडानिया झुंझुनूं के अलसीसर की तहसील के गांव कबीरसर के रहने वाले हैं। वर्तमान में इनका परिवार चूरू में पूनिया कॉलोनी में रह रहा है।

IAS Gaurav Budania Biography in Hindi: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को फाउंडेशन कोर्स के लिए उत्तराखंड के मसूरी में LBSNAA में भेजा जाता है। LBSNAA में अभ्यर्थियों के लिए 3 माह के फाउंडेशन कोर्स का हर दिन यादगार होता है।

यादगार रहता है LBSNAA का पहला दिन
यूपीएससी की तैयारी को एक लंबा वक्त देने के बाद कामयाब होकर पहली बार LBSNAA में एंट्री पाने वाले लम्हे को तो शायद ही कोई अफसर जिंदगीभर भूल पाए। ऐसा ही कुछ एक्सपीरियंस आईएएस अधिकारी गौरव बुडानिया ने शेयर किया है।

आईएएस गौरव बुडानिया यूट्यूब चैनल
आईएएस गौरव बुडानिया अपने यूट्यूब चैनल पर मोटिवेशनल, एजुकेशनल वीडियो अपलोड करते हैं। साथ ही अपनी यूपीएससी की जर्नी भी शेयर करते हैं। नौ दिन पहले अपलोड किए गए वीडियो में गौरव बुडानिया ने फाउंडेशन कोर्स के लिए LBSNAA पहुंचने का किस्सा सुनाया है।

पहली सूची में नहीं आया नाम
23 सितम्बर 2021 को जब UPSC का रिजल्ट आया तब एक बारगी तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मैंने 13वीं रैंक हासिल की है। मेरे साथ मेडिकल संबंधी कोई दिक्कत हो गई थी। ऐसे में पहली सूची में सर्विस कैडर अलॉट नहीं हुआ।

4 दिसम्बर को नहीं जा सका LBSNAA
मेडिकल संबंधी दिक्कत दूर हुई और फिर 4 दिसम्बर को सर्विस अलॉटमेंट की दूसरी सूची भी आ गई। अगले ही दिन 5 दिसम्बर से LBSNAA में फाउंडेशन कोर्स शुरू हो रहा था। चार को ही LBSNAA में अपना पहला कदम रखना चाहता था।

अमावस्या की वजह नहीं गया
4 दिसम्बर 2021 को अमावस्या थी। परिजनों ने अमावस्या के दिन LBSNAA ज्वाइन करने से मना कर दिया। ऐसे में फाउंडेशन कोर्स शुरू होने से एक दिन पहले अमावस्या ने LBSNAA में मेरी एंट्री रोक दी। फिर मैं 5 दिसम्बर को LBSNAA पहुंचा।

LBSNAA में मिला रूम नंबर 118
पांच दिसम्बर सुबह चार बजे मैंने परिजनों को जगाया। पांच बजे LBSNAA में एंट्री के लिए गेट पर पहुंच गया। प्रवेश पत्र दिखाकर LBSNAA में एंट्री पाई। LBSNAA स्टाफ ने मुझे सिल्वरवुड छात्रावास में 118 नंबर का रूम अलॉट किया।

सबके कार्ड बन चुके थे
छात्रावास में राहुल देव बूरा मिले। LBSNAA में भावी अफसर से पहली मुलाकात थी। उनके साथ ही कोर्स की क्लास लेने चल गया। ज्यादातर अफसर LBSNAA में पहले ही पहुंच चुके थे। उनके आईकार्ड बन चुके थे। उन्हें प्रवेश पाने में दिक्कत नहीं थी।

चाबी दिखाकर पाया प्रवेश
सुबह ही LBSNAA ज्वाइन किया था। ऐसे में मेरे पास कोई आईकार्ड नहीं था। सुरक्षाकर्मियों ने रोका। मैं छात्रावास के रूम नंबर 118 की चाबी दिखा दिखाकर प्रवेश पाता गया। साथी अफसरों ने भी सुरक्षा गार्डों को यकीन दिलाया कि गौरव भी IAS बने हैं।

परिक्षित भी वहीं मिला
यूपीएससी पास करने के बाद मैंने कई अभ्यर्थियों के इंटरव्यू और मोटिवेशनल वीडियो देखें। उनमें से कई अभ्यर्थी टॉपर बनकर फाउंडेशन कोर्स के लिए मेरे सामने थे। 61रैंक पाने वाला परिक्षित भी वहीं मिला। मैं और परिक्षित तो यूपीएससी की तैयारी एक साथ किया करते थे।

टॉप 20 की मुलाकात खास
LBSNAA में टॉपर्स से मुलाकात खास रही। टॉप 20 की मुलाकात तो कभी नहीं भूल सकने वाली थी। बहुत सारे टॉपर्स तो एक-दूसरे को UPSC पास करने के बाद के उनके इंटरव्यू देख-देखकर ही पहचानने लगे थे। फिर आईडी कार्ड बने। LBSNAA की ड्रेस मिली।

कौन हैं आईएएस गौरव बुडानिया?
गौरव बुडानिया राजस्थान कैडर के IAS हैं। 2020 में 13वीं रैंक हासिल की थी। पहले ही प्रयास में यूपीएससी क्रैक करने वाले गौरव बुडानिया राजस्थान के सभी अभ्यर्थियों में टॉपर रहे। यूपीएएसी से पहले RAS में 12वीं रैंक हासिल की थी।

आईएएस गौरव बुडानिया की पत्नी
परिवार चूरू की पूनिया कॉलोनी में रहता है। मूल रूप से झुंझुनूं जिले के अलसीसर के गांव कबीरसर के रहने वाले हैं। गौरव बुडानिया की पत्नी का नाम अनुप्रिया ढाका है। पिता रामप्रतात सिंह बुडानिया चूरू में वरिष्ठ शिक्षक व माता संतोष देवी हाउसवाइफ हैं।

आईएएस गौरव बुडानिया की पत्नी हैं टीचर
8 सितम्बर 1995 को जन्मे गौरव बुडानिया की अनुप्रिया ढाका से शादी 4 नवंबर 2022 को हुई। अनुप्रिया ढाका सीकर जिले के गांव कोलिडा के सुभाष ढाका की बेटी है। अनप्रिया ढाका सरकारी शिक्षिका हैं। गौरव भीलवाड़ा में अंडर ट्रेनी असिस्टेंट कलेक्टर हैं।












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