ईद पर पति ने स्पीड पोस्ट से भेजा ऐसा तोहफा, देख पत्नी रह गई सन्न
जैसलमेर। न्यायालय के रोक के बावजूद तीन तलाक की घटनाएं जारी है। जैसलमेर के पोकरण थाना क्षेत्र के मांगोलाई गांव की रहने वाली एक विवाहिता को उसके पति ने खत के माध्यम से तीन तलाक का खत भेजा है। विवाहिता के पति ने यह खत उत्तर प्रदेश से स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा है। खत को उर्दू भाषा में लिखा गया है। जिसमें शरियत कानून के तहत तीन तलाक का फैसला सुनाया गया है। विवाहित कलसुम को यह खत एक सिंतबर के मिला था। आपको बता दें कि देश की सर्वोच्च अदालत तीन तलाक को पहले ही असंवैधानिक ठहरा चुकी है।

कलमुस के परिजनों को उर्दू भाषा समझ नहीं आने पर घर के पास रहने वाले एक युवक से खत पढ़वाया तो खत पढ़ाने पर पता चला कि खत में तीन बार तलाक लिखा है। जिसको सुनकर विवाहिता और उसके परिवारजन सन्न रह गए। पीडि़ता ने सरकार प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई कि पति के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करे और उसे न्याय दिलाया जाए।
मांगोलाई ग्रामवासी छोटूखां की बेटी कलसुम की ढाई साल पहले मोहम्मद अरशद पुत्र इस्माइल खां हाल निवासी काली मगरी से निकाह हुआ था। शादी के कुछ माह तक तो सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा। लेकिन कुछ समय बाद विवाहिता तो यह कह कर पीड़ित करने लगा कि तुम शक्ल सूरत से सही नहीं हो, इसलिए मुझे पसंद नहीं हो। यही नहीं कि विवाहिता को मारपीट कर उसे तीन तलाक की धमकियां देने लगा।
पीड़िता के पिता ने बताया कि 14 अगस्त को मेरे दामाद द्वारा यूपी से जहां वह पढाई कर रहा है वहां से मेरे नाम मेरी पुत्री को उर्दू भाषा में लिखा तीन तलाक का खत भेजा, जो मुझे स्पीड पोस्ट के माध्यम से 1 सितम्बर को मिला। खत उर्दू भाषा में होने की वजह से मुझे मेरी पुत्री कलसुम को समझ में नहीं आया। पास के एक युवक से जब पत्र पढ़ा तो उसमें तीन बार तलाक-तलाक लिखा था। यहीं नहीं उसने तीन तलाक के 4 माह बाद ईदत पूरी होने के बाद दूसरी निकाह होने के बारे में भी साफ तौर पर लिखा।












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