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दिल्ली हिंसा: हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल के बेटे ने दी मुखाग्नि, बोला, 'मैं भी दिल्ली पुलिस में होऊंगा भर्ती'

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सीकर। दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ राजस्थान के सीकर जिले में स्थित उनके पैतृक गांव तिहावली में हुआ। रतन लाल के सात साल के बेटे राम ने मुखाग्नि दी। दरअसल, हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल सोमवार को दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के प्रदर्शन के दौरान भड़ी हिंसा में गोली लगने से शहीद हो गए थे। बता दें कि बुधवार सुबह जब रतनलाल का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव तिहावली पहुंचा तो बेटे का शव देखकर 70 वर्षीय मां संतरा देवी बेसुध हो गई। वहीं, ग्रामीणों ने शव को रखकर प्रदर्शन किया और जवान को शहीद का दर्जा देने की मांग की।

आंसू छिपाकर मां की हथेलियां रगड़ती रहीं बेटियां

आंसू छिपाकर मां की हथेलियां रगड़ती रहीं बेटियां

रतन लाल की पत्नी पूनम बार-बार बेहोश हो रही थी। ऐसे में रतन लाल की दोनों बेटियां कनक एवं सिद्धी दादी और मां को संभालते हुए खुद बिलख पड़ती। गांव के लोग दोनों बेटियों को संभालते। 12 साल की सिद्धि एवं 10 की बेटी कनक खुद रोते-रोते दादी और मां को होश में लाने के लिए अपने हाथों से उनकी हथेलियां रगड़ती रही। इस दृश्य को को जिन्होंने भी देखा वे खुद भी अपने आंसू रोक नहीं सके। वहीं, रतनलाल का सात साल का बेटा बार-बार यही कहता रहा, पापा मुझे बहुत प्यार करते थे, अब इतना प्यार कौन करेगा। पापा मुझे अकेला छोड़ गए, अब मैं क्या करूंगा।

बड़ा होकर दिल्ली पुलिस में होऊंगा भर्ती

बड़ा होकर दिल्ली पुलिस में होऊंगा भर्ती

रतनलाल की रविवार को दिल्ली के जाफराबाद में ड्यूटी के दौरान हिंसा में मौत हो गई थी। इसके तीन दिन पहले ही रतनलाल और उनकी पत्नी पूनम ने अपनी शादी की 13 वीं वर्षगांठ मनाई थी। शादी की वर्षगांठ पर रतनाल ने मां को फोन कर आशीर्वाद मांग और होली पर गांव आने का वादा भी किया । बुधवार को जब रतनलाल का अंतिम संस्कार होने लगा तो उनकी दोनों बेटियां जिस तरह से अपने पिता के शव से लिपट कर रोने लगी तो वहां मौजूद लोगों का कलेजा फट गया। बेटे ने पिता के शव को मुखाग्नि देने के बाद कहा कि मैं भी बड़ा होकर दिल्ली पुलिस में भर्ती होऊंगा।

तीन भाइयों में सबसे बड़े थे रतन लाल

तीन भाइयों में सबसे बड़े थे रतन लाल

रतनलाल के छोटे भाई दिनेश ने बताया कि रतनलाल 1998 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती गोकुलपुरी सब डिवीजन के एसीपी ऑफिस में थी। रविवार को बुखार होने के बावजूद भी वे ड्यूटी पर पहुंचे थे। करीब ढाई साल पहले ही रतनलाल के पिता बृजमोहन बारी की मौत हुई थी। तीन भाइयों में रतनलाल सबसे बड़े थे। उनका एक छोटा भाई दिनेश गांव में ही खेतीबाड़ी और गाड़ी चलाकर परिवार का पेट भरता है। वहीं, एक अन्य छोटा भाई रमाकांत बेंगलूरू में रहकर निजी कंपनी में नौकरी करता है।

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English summary
head constable ratan lal son ram say i will also be Join to delhi police
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