राजस्थान: किसान की 15 बीघा जमीन नीलाम कर देने पर दौसा आए राकेश टिकैत, पीड़ितों से मिल रहे
दौसा, 20 जनवरी 2022: राजस्थान के दौसा में कृषि-ऋण नहीं चुका पाने वाले एक कृषक परिवार की जमीन जबरन नीलाम होने पर देशभर के किसान पीड़ितों के समर्थन में आने लगे हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत कई किसान नेताओं के साथ दौसा आए हैं। टिकैत ने बताया कि वे उन पीड़ितों से मिले हैं, जिनकी जमीन प्रशासन ने नीलाम कर दी। टिकैत बोले, 'हम किसान परिवार के साथ हैं और उनकी जमीन के मुद्दे पर अधिकारियों से बात करेंगे। अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।'

Recommended Video
इससे पहले टिकैत ने अपने आॅफिशियल ट्विटर हैंडिल पर सूचना दी थी कि, हम यही (राजस्थान के जिला दौसा में गाँव रामगढ-पचवारा में) रहेंगें और प्रशासनिक अधिकारियों से बात करेंगे। उन्होंने बताया कि वे रात को राजस्थान में ही किसानों के पास रुके। गाँव रामगढ पचवारा में किसान परिवारों से मिले। आज उनकी प्रशासन से बातचीत होगी।

प्रशासन ने 46 लाख में नीलाम कर दी भूमि
पीड़ित किसान परिवार के एक सदस्य ने बताया कि, उनके परिवार के मुखिया पर बैंक का 7 लाख का कर्ज था। कर्ज तले दबे रहने से किसान इतना परेशान हो गया कि उसकी जान चली गई। फिर उसका परिवार भी कर्ज नहीं चुका सका। उधर, प्रशासनिक अधिकारी उन पर कर्ज चुकाने का दवाब बनाते रहे।कर्ज नहीं चुका पाने पर मंगलवार को उनकी जमीन की नीलामी कर दी गई। बताया जा रहा है कि, दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा में स्थित किसान की वो जमीन पहले कुर्क की गई थी और फिर नीलामी भी कर दी गई। जमीन खो चुका किसाना परिवार दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा के जामुन की ढाणी का है।

अधिकारियों ने 7 लाख से ज्यादा कर्ज बताया
रामगढ़ पचवारा स्थित राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के मुताबिक, दौसा जिले के किसान कजोड़ मीणा ने केसीसी का लोन लिया था। वर्ष 2017 के बाद किसान लोन नहीं चुका पाया, उसकी मौत भी हो गई। बैंक का कहना है कि, उसके परिवार ने भी 7 लाख रुपए से अधिक का ऋण नहीं चुकाया। केसीसी लोन लेने वाले किसान कजोड़ मीणा थे, वहीं बैंक ने उनके पुत्र राजू लाल और पप्पू लाल को पैसे जमा कराने के लिए नोटिस पर नोटिस दिए।












Click it and Unblock the Notifications