Rajasthan News: राजस्थान का हर जिला बनेगा एक्सपोर्ट हब, इन छह पॉलिसी से बड़ी कंपनियों के निवेश का भरोसा
Rajasthan News: राजस्थान का हर जिला अब एक्सपोर्ट का हब बनेगा। राजस्थान सरकार इसके लिए नई पॉलिसी लाने जा रही है। राजस्थान प्रमुख कंपनियों को आकर्षित करने के लिए छह नई नीतियों की शुरुआत करने जा रहा है। बजट में आर्थिक विकास और सामाजिक विकास को प्राथमिकता दी गई है। जिसमें बुनियादी ढांचे और उद्योग में महत्वपूर्ण प्रगति का वादा किया गया है।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में आठ नए पार्क और नौ औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जाएंगे। बालोतरा में राजस्थान का पहला पेट्रो जोन बनाया जाएगा। जिसमें नए उत्पाद विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य की रक्षा उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए रक्षा विनिर्माण हब की स्थापना की जाएगी।

राज्य सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए निवेशक सम्मेलन के साथ-साथ गैर-निवासी राजस्थानी सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई है। स्थानीय शिल्प को बढ़ावा देने के लिए एक माटी कला उत्कृष्टता केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। जयपुर में 200 करोड़ रुपए के निवेश से अमृत ग्लोबल टेक्नोलॉजी और एप्लीकेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा।
बुनियादी ढांचे में सुधार
विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलेगा। विकास के लिए 175 करोड़ रुपए आवंटित किए जाएंगे। जयपुर को 200 करोड़ रुपए की लागत से पीएम यूनिटी मॉल भी मिलेगा। जिसमें स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और कार्यशालाएं आयोजित की जाएगी।
निर्बाध व्यावसायिक संचालन सुनिश्चित करने के लिए, निर्यात संवर्धन, परिधान और परिधान, तथा डेटा सेंटर नीतियों सहित औद्योगिक स्थिरता और पहुंच के लिए नई नीतियां शुरू की जाएगी। थीम आधारित औद्योगिक पार्क भी एजेंडे में हैं।
अनुसंधान और हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना
सरकार का लक्ष्य नई पहलों के माध्यम से अनुसंधान विकास और हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना है। एमएसएमई नीति हथकरघा, हस्तशिल्प और एमएसएमई क्षेत्रों को समर्पित 50 क्लस्टर बनाएगी।
राजस्थान में सड़कों का व्यापक नेटवर्क बनाने की भी योजना है। जिसके तहत 60 हजार करोड़ रुपए की लागत से नई सड़कें बनाई जाएगी। इसमें वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 12 रेलवे स्टेशनों को दो लेन वाली सड़कों से जोड़ना भी शामिल है।
विशिष्ट औद्योगिक पार्क
भीलवाड़ा में टेक्सटाइल पार्क, बीकानेर में सिरेमिक पार्क और कांकाणी में सोलर पैनल निर्माण पार्क बनाया जाएगा। बांदीकुई में औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब का विकास होगा। जबकि किशनगढ़ में टाइल्स निर्माण पार्क बनाया जाएगा। बांसवाड़ा में बायोमास पेलेट और केमिकल निर्माण पार्क बनाया जाएगा।
राज्य में अपशिष्ट पुनर्चक्रण पार्कों का दायरा बढ़ रहा है और दो अतिरिक्त पार्कों की योजना बनाई गई है। एक जिला-एक उत्पाद नीति के तहत हर जिले को निर्यात केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
नए ओधोगिक क्षेत्र बनाए जाएंगे
बाड़मेर, उदयपुर, पाली, बूंदी में श्री राम जानकी औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाएंगे। कठूमर, मांडल, जहाजपुर, कामां, भींडर में भी नए औद्योगिक क्षेत्र बनेंगे। राज्य के विजन में निर्बाध माल परिवहन और अनुसंधान विकास तथा हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए नए रास्ते खोलना शामिल है। इस नवीन पहल के साथ राजस्थान एक औद्योगिक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।












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