मजदूर पिता ने कर्ज लेकर बेटे को बनाया डॉक्टर, ड्यूटी ज्वाइन करने के एक माह बाद हादसे में मौत
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले के सेवर थाना इलाके से दर्दभरी खबर आई है। एक मजदूर पिता ने सेठ साहूकारों से कर्ज लेकर जिस बेटे को डॉक्टर बनाया वो हादसे में अलविदा कह गया। बतौर डॉक्टर ड्यूटी ज्वाइन करने के महज सवा माह बाद ही सड़क दुर्घटना में इस डॉक्टर की जान चली गई। शुक्रवार दोपहर को गमगीन माहौल में इस जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर का अंतिम संस्कार किया गया।

जानकारी के अनसार भरतपुर की बृजनगर निवासी डॉ. रोहिताश कुमार पुत्र सुघड सिंह मूलरूप से झाड़ोली थाना सेवर के रहने वाले थे। 24 मार्च को बतौर इनकी पहली पोस्टिंग भरतपुर के निकटवर्ती उच्चैन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई थी। डॉ. रोहिताश दिव्यांग होने की वजह से स्कूटी से रोजाना की हॉस्पिटल आया-जाया करते थे। विगत कुछ दिन से इनकी नाइट ड्यूटी चल रही थी। गुरुवार रात की ड्यूटी खत्म करके ये शुक्रवार सुबह स्कूटी से घर आ रहे थे।
रास्ते मे वह मेडिकल कॉलेज पर भी रुके। जैसे ही मेडिकल कॉलेज से निकले तभी थोड़ी दूर पर एक ट्रक ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक ट्रक समेत फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने सेवर थाने को इस घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही सेवर थाना पुलिस और मेडिकल कॉलेज का स्टाफ मौके पर पहुँचा। घायल डॉ. रोहिताश को जिला आरबीएम अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
बता दें कि डॉ. रोहिताश के परिवार की आर्थिक ठीक नहीं है। बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए मजदूर पिता को न केवल कर्ज लेना पड़ा बल्कि उन्होंने अपना भूखंड भी औने-पौने दामों में बेच दिया था ताकि बेटा डॉक्टर बन सके।












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