Devendra Jhajharia Full Strory: बचपन में हाथ गंवाने से लेकर चूरू MP बनने से एक कदम दूर तक की कहानी
Devendra Jhajharia Biography in Hindi: देवेंद्र झाझड़िया को भारतीय पैरालंपिक समिति का नए अध्यक्ष बनाया है। खेल की दुनिया को अलविदा कहने के बाद देवेंद्र झाझड़िया की राजनीति में एंट्री हो चुकी है। ओलंपिक में तीन बार मेडल जीतने वाले देवेंद्र अब राजस्थान के चूरू से भाजपा सांसद बनने से एक कदम दूर हैं।
भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपने 195 उम्मीदवारों की पहली सूची में चूरू संसदीय क्षेत्र से भारत के जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्टार देवेंद्र झाझड़िया को भी उम्मीदवार घोषित किया है। मौजूदा सांसद राहुल कस्वां का टिकट काटकर देवेंद्र को चुनावी मैदान में उतारा गया है।

देवेंद्र झाझड़िया के अवार्ड
एथेंस पैरा ओलंपिक 2004 में स्वर्ण पदक
रियो पैरा ओलंपिक 2016 में स्वर्ण पदक
टोकियो पैरा ओलंपिक 2020 में रजत पदक
पद्मश्री पुरस्कार 2022
स्पेशल स्पोर्ट्स अवार्ड 2004
अर्जुन अवार्ड 2005
राजस्थान खेल रत्न 2005
महाराणा प्रताप पुरस्कार 2005
मेवाड़ फाउंडेशन के प्रतिष्ठित अरावली सम्मान 2009

देवेंद्र झाझड़िया का परिचय
जन्म- 10 जून 1981
गांव- जयपुरिया खालसा पोस्ट हड़ियाल, राजगढ़, चूरू
निवास-सूर्यानगर, मुरलीनगर जयपुर
पिता-रामसिंह झाझड़िया
माता-जीवनी देवी
पत्नी-मंजू देवी (कब्बडी खिलाड़ी)
शादी-2007
बेटा- काव्यान
बेटी-जिया
भाई-महेंद्र व जोगेंद्र
बहन- मायापती, धनपति, किरोड़पति और नीरमा

देवेंद्र झाझड़िया ने कैसे खोया हाथ?
वनइंडिया हिंदी से बातचीत में देवेंद्र झाझड़िया ने बताया कि साल 1989 में वे आठ साल के थे। गांव में बच्चों के साथ खेल रहे थे। उसी दौरान एक पेड़ पर चढ़े तो वहां से गुजर रही विद्युत लाइन की चपेट में आ गए। परिजन उनको अस्तपाल लेकर गए। डॉक्टरों ने खूब इलाज किया, मगर आखिर में उनका बायां हाथ कोहनी तक काटना पड़ा। एक हाथ खोने के बावजूद देवेंद्र ने हिम्मत नहीं हारी। स्कूल के समय से ही भाला उठाया और फिर पैरालंपिक में खुद का ही विश्व रिकॉर्ड तक तोड़ डाला।

चूरू लोकसभा सीट का इतिहास
राजस्थान की चूरू लोकसभा सीट हरियाणा से लगती हुई है। चूरू संसदीय क्षेत्र साल 1977 में अस्तित्व आया। यहां से जाट जाति से सांसद अधिक रहे हैं। साल 2024 में भाजपा उम्मीदवार देवेंद्र झाझड़िया भी किसान जाट परिवार से हैं।
चूरू से सबसे ज्यादा लगातार तीन बार भाजपा के रामसिंह कस्वां व दो बार उनके बेटे राहुल कस्वां सांसद रहे हैं। इनके अलावा चूरू से कांग्रेस के नरेंद्र बुडानिया, जनता पार्टी के दौलत राम सारण व कांग्रेस के मोहर सिंह राठौड़ भी सांसद चुने जा चुके हैं।












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