बेटियों के कंधों पर पिता का अंतिम सफर, ऐसी विदाई देख कोई नहीं रोक पाया आंसू
बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा में यह अंतिम यात्रा देख हर कोई आंसू नहीं रोक पाया। इसमें एक पिता ने बेटियों के कंधे पर अंतिम सफर तय किया और दुनिया से विदाई ली। बेटियों ने पिता की अर्थी को न केवल कंधा दिया बल्कि उनकी चिता को मुखाग्नि देकर बेटे का भी फर्ज निभाया।

बता दें कि बांसवाड़ा की खांदू कॉलोनी निवासी भगवती शंकर जोशी का गुरुवार को निधन हो गया। अपने पिता की इच्छा के अनुरूप उनकी तीन पुत्रियों दीप्ति, विधि और माला तथा उनके साथ रहने वाली रीना चरपोटा ने अर्थी को कांधा दिया। जोशी राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी के रिश्तेदार भी थे। उनकी अंतिम यात्रा में श्री चारणेश्वर महादेव मंदिर समिति के मोतीलाल पंवार, नटवरलाल पंवार, मांगीलाल पुरोहित, राजेश भावसार, हीरालाल पंचाल आदि सम्मिलित हुए।
बदल रही सामाजिक सोच
बाल विवाह, कोख में बेटियों के कत्ल के मामले में बदनाम रहे राजस्थान में अब बेटियों को लेकर लोगों की सोच बदल रही है। इसी का नतीजा सामाजिक रीति रिवाजों में भी देखने को मिल रही हैं। अब न केवल में बेटियां माता-पिता की अर्थी को कंधा देने लगी हैं बल्कि उनकी शवयात्रा में शामिल होकर मोक्षधाम भी जाने लगी हैं।












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