डकैत जगन गुर्जर पकड़ा गया: राजू ठेहठ के हत्यारों को दिए हथियार, सचिन पायलट के सामने किया था सरेंडर
Dacoit Jagan Gurjar arrested: राजस्थान के धौलपुर में चंबल इलाके में आतंक का दूसरा नाम बना डकैत जगन गुर्जर जयपुर पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस ने मंगलवार शाम को डकैत जगन गुर्जर को गिरफ्तार किया है। जगन का नाम जयपुर-शेखावाटी में इलाके में बड़ी वारदातों के लिए हथियार मुहैया करवाने में भी जुड़ा है।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश विश्नोई के अनुसार जगन गुर्जर सोमवार का भाई पान सिंह अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है। वह अपने भाई से मिलने के लिए सोमवार को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल आया था। अजमेर से जयपुर होता हुआ धौलपुर जा रहा था।

उधर, जयपुर की वैशाली थाना पुलिस ने पिछले दिनों रंगदारी वसूली गैंग के बदमाश सोनू सिंह (25) निवासी बनेठा, टोंक, लोकेश साहू उर्फ मोदी (27) निवासी कुंडेरा, सवाई माधोपुर, गिरधारी मान (24) निवासी अमरसर, शाहपुरा, हंसराज गुर्जर (19) निवासी गोकुलपुरा, सीकर, जयसिंह (30) निवासी अराई, अजमेर और कुलदीप वैष्णव (24) निवासी किशनगढ़, अजमेर को अरेस्ट किया था।
इन बदमाशों से पूछताछ में पता चला कि विक्रम और मुकेश राजू ठेहट मर्डर केस में शामिल रहे हैं। इनके पास हथियार डकैत जगन गुर्जर के जरिए ही पहुंचे थे। इस इनपुट पर जयपुर जिले की बिंदायका थाना पुलिस ने धौलपुर जा रहे जगन गुर्जर को गिरफ्तार किया। जयपुर, सीकर व शेखावाटी में अन्य जगहों पर हुई फायरिंग की बड़ी वादरतों को लेकर जगन गुर्जर से पूछताछ की जा रही है।
चार बार कर सरेंडर कर चुका है जगन गुर्जर
बता दें कि साल 1994 में जगन गुर्जर के जीजा की हत्या हो गई थी। उसके बाद जगन ने भी हथियार उठा लिए और जुर्म की दुनिया में कदम रखा। चंबल में आतंक का पर्याय बना। इस पर राजस्थान ही नहीं बल्कि उप्र और मप्र के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट, फिरौती, अपहरण, नकबजनी, डकैती से जुड़े 100 से अधिक मामले दर्ज हुए। 40 हजार का ईनाम भी घोषित हुआ।
हालांकि जगन गुर्जर चार बार सरेंडर भी कर चुका है। सरेंडर के थोड़े दिन बाद दुबारा से अपराध की दुनिया में आ जाता है। साल 2001 में तत्कालीन धौलपुर एसपी बीजू जॉर्ज जोसफ के सामने, 30 जनवरी 2009 को कैमरी गांव के जगन्नाथ मेले में कांग्रेस नेता सचिन पायलट के सामने, 19 अगस्त, 2018 को बयाना में तत्कालीन आईजी मालिनी अग्रवाल के सामने और साल 2019 में धौलपुर में खुद के गांव विभूतीपुरा में सरेंडर किया था। बेटी की शादी में भी कसम खाई थी कि अब वह अपराध करना छोड़ देगा।












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