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अंधविश्वास : बीमारी से परेशान बच्चियां चीख रही थीं, परिजन बोले 'बीमार नहीं, देवता का असर है'

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भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा थाना क्षेत्र के सालरिया खेड़ी गांव में एक दर्जन छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जहां छात्राओं ने जमकर तमाशा किया। लोग इसे अंधविश्वास से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं, कई छात्राओं के परिजन इसे किसी देवता का असर भी बता रहे हैं।

Bhilwaras 11 Girls admitted in mahatma gandhi hospital
    अंधविश्वास : बीमारी से परेशान बच्चियां चीख रही थीं, परिजन बोले 'बीमार नहीं, देवता का असर है'

    जानकारी के अनुसार बुधवार को स्कूल में अचानक एक के बाद एक ग्यारह नाबालिग छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया। घबराएं परिजन छात्राओं को पहले क्षेत्र में ही स्थित देवस्थान चलानियां भैरूजी के स्थान पर ले गए, जहां भाव जैसे हालात बनने पर परिजनों छात्राओं को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय लेकर पहुंचे।

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    एक छात्रा के परिजन ने बताया कि यह स्थिति पिछले 6 दिन से बनी हुई है। शुरुआत में एक बालक व एक बालिका की हालत बिगड़ी थी। उसके बाद से अन्य छात्राओं की तबीयत बिगड़ती जा रही थी। इन्हें उपचार के लिए एक धर्मस्थल पर भी ले जाया गया, जहां से राहत नहीं मिलने के बाद महात्मा गांधी अस्पताल में छात्राओं को लाया गया।

    दो एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचीं छात्राओं ने यहां जमकर तमाशा भी किया। हालात यह थे कि ना तो छात्राओं डाॅक्टरों के काबू में आ पा रही थीं और ना ही परिजनों के। ऐसे में कड़ी मशक्कत के बाद उनका इलाज शुरू हो पाया। एमजी हाॅस्पीटल के पीएमओ डॉ. अरूण गौड़ का कहना है कि इनको ग्रुप डिसोसिएशन नामक बीमारी हुई है। यह एक तरह का मानसिक रोग है। इसमें एक ही उम्र के बच्चे बीमार व्यक्ति के प्रभाव में आने के बाद उसके ही जैसा व्यवहार करने लगे हैं।

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    ऐसे में मानसिक रोग विषेशज्ञ की मदद से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इन्हें और कोई बीमारी तो नहीं है। फिलहाल सभी ग्यारह बच्चियों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। हर वक्त उनकी निगरानी के लिए पीएमओ डॉ. गौड़ ने दो चिकित्सकों की तैनाती की है ताकि बच्ची की हालात और ज्यादा नहीं बिगड़े। भीलवाड़ा अस्पताल के मनोरोग विषेशज्ञ डॉ. विरभान चंचलानी का कहना है कि डिसोसिएशन से पीड़ित व्यक्ति के दिमाग में टकराव की स्थिति बनी रहती है। वह अंदर ही अंदर घुट रहा होता है और किसी से अपना दर्द बयां नहीं कर पाता। वह चाहता है कि कोई उससे बात करें। उसकी समस्या को दूर करें। ऐसी स्थिति में वह दूसरों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए ऐसा ही कुछ करता है। जैसे ही लोग उसका हालचाल पूछते हैं तो उसके दिमाग में चल रहा तूफान थम जाता है।

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    English summary
    Bhilwara's 11 Girls admitted in mahatma gandhi hospital
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