'किसी का मोहरा मत बनो', वक्फ कानून के खिलाफ बंगाल में हिंसा पर सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती का बड़ा बयान
Protest Against Waqf Amendment Act: देशभर में वक्फ संशोधन कानून 8 अप्रैल से लागू हो गया है। विपक्ष के साथ-साथ देशभर में मुस्लिम संगठन इसके खिलाफ जमकर विरोध कर रहे हैं। जबकि पश्चिम बंगाल में यह विरोध दो जगह हिंसक रूप ले चुका है। मुर्शिदाबाद और 24 परगना जिले में घरों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। वहीं मुर्शिदाबाद में तीन लोगों की जान तक चली गई।
इस बीच वक्फ संशोधन कानून का समर्थन करने वाले अजमेर दरगाह दीवान के बेटे नसरुद्दीन चिश्ती ने एक बार फिर वक्फ कानून का समर्थन करते हुए शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा कभी भी समाज या देश के हित में नहीं होती। इसी के साथ उन्होंने लोगों से किसी के राजनीतिक मोहरे ना बनें की भी गुजारिश की है।

हिंसा पर बोले दरगाह दीवान के बेटे, लोगों से की अपील
पश्चिम बंगाल में वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में हुई हिंसा पर ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा, "हिंसा कभी भी समाज या देश के हित में नहीं होती। हिंसा की निंदा हर कोई करता है, लेकिन मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करना चाहूंगा। इस अधिनियम में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे आपके धार्मिक मामलों या वक्फ संपत्ति को नुकसान पहुंचे।
'किसी का राजनीतिक मोहरा मत बनो'
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने आधिकारिक तौर पर बार-बार यह बात कही है, इसलिए हमें उन पर और देश के संविधान पर भरोसा करना चाहिए। हमें किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए और किसी के हाथों की कठपुतली नहीं बनना चाहिए। मैं इस देश के मुसलमानों से अपील करना चाहूंगा कि जब भी आपके विकास और आपके अधिकारों की रक्षा की बात उठाई गई है, तो आपको राजनीतिक मोहरा बनाया गया है। किसी का राजनीतिक मोहरा मत बनो।
पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाएं
गौरतलब है कि हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गए। सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और पुलिस के साथ झड़पें भी हुईं। सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए हैं और मामले की जांच चल रही है।












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