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30 सालों से सिर्फ चाय पीकर जिंदा हैं ये ‘चाय वाली चाची’, 11 की उम्र में ही खाने की चीजें छोड़ दी थीं

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chhattisgarh News, रायपुर/कोरिया। क्या आपने ऐसे भी ऐसे इंसान देखे हैं जो महज चाय पीकर ही अपना गुजारा कर लें, वो भी बिना अन्न-फल इत्यादि कुछ खाए? यदि आप किन्हीं को नहीं जानते तो यहां​ मिलिए उस महिला से। सुनने में अटपटा लग सकता है, मगर जो दावा किया जा रहा है, उसके मुताबिक, छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बरदिया गांव में रहने वाली पीली देवी सिर्फ चाय के सहारे 30 सालों से जिंदा हैं। पीली देवी न सिर्फ जिंदा हैं, बल्कि पूरी तरह स्वस्थ भी हैं।

भोजन करना तब छोड़ा, जब वह छठी कक्षा में पढ़ती थी

भोजन करना तब छोड़ा, जब वह छठी कक्षा में पढ़ती थी

पीली देवी का कहना है कि उन्होंने 11 साल की उम्र में ही खाने की तमाम चीजें छोड़ दी थीं और सिर्फ चाय पीकर रहने लगी थीं। तभी से वह सिर्फ चाय पीकर जीवित हैं। अपनी इस अनूठी और अविश्वसनीय जीवनशैली के कारण वह अपने इलाके में ‘चाय वाली चाची' के नाम से मशहूर हो चुकी हैं। पीली के पिता रति राम के अनुसार, पीली ने भोजन करना उस समय छोड़ा था, जब वह छठी कक्षा में पढ़ती थी। उस समय के वाकये का याद करते हुए रति ने कहा, हमारी बेटी जिले के जनकपुर स्थित पटना स्कूल से जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने गई थी। वहां से लौटने के बाद उसने अचानक भोजन करना और पानी पीना छोड़ दिया।

दूधवाली चाय के साथ बिस्कुट और ब्रेड

दूधवाली चाय के साथ बिस्कुट और ब्रेड

उन्होंने बताया कि पीली शुरू में दूधवाली चाय के साथ बिस्कुट और ब्रेड लेती थी, लेकिन धीरे धीरे उसने काली चाय पीना शुरू कर दिया। वह दिन में केवल एक बार, वह भी सूर्यास्त के बाद काली चाय लेती है। पीली के भाई बिहारी लाल राजवाड़े ने बताया, हमने सोचा कि उसे कोई बीमारी तो नहीं हो गई है। हमने उसे डॉक्टर से दिखाया, लेकिन उसको कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। बिहारी ने कहा, हम उसे अनेक अस्पतालों में ले गए लेकिन कोई भी डॉक्टर पीली की इस आदत का कारण नहीं ढूंढ सका।

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भौंचक्क हैं वै​ज्ञानिक

भौंचक्क हैं वै​ज्ञानिक

परिजनों के अनुसार, पीली घर से बाहर शायद ही कभी निकलती है। वह पूरे दिन भगवान शिव की पूजा करती रहती है। डॉक्टरों की मानें तो किसी भी इंसान के लिए केवल चाय के जरिये जिंदा रहना असंभव है। यह हैरतअंगेज है। वैज्ञानिक रूप से देखें तो कोई भी इनसान केवल चाय पीकर इतने साल तक जिंदा नहीं रह सकता।

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English summary
In Chhattisgarh, Living in Baradiya village, Pilli Devi gave up food at the age of 11 and has been surviving on tea ever since. Famous for her unique lifestyle, she is locally known as ‘chai wali chachi.’
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