रायगढ़ जिले के रहने वाले थे मणिपुर हमले में शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी, 6 दिन पहले ही माता-पिता लौटे थे घर

रायपुर। शनिवार को मणिपुर में उग्रवादी हमले में शहीद छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के निवासी वरिष्ठ पत्रकार सुभाष त्रिपाठी के बड़े बेटे कर्नल विप्लव त्रिपाठी शहीद हो गए। इसके अलावा इस हमले में उनकी 37 वर्षीय पत्नी अनुजा शुक्ला और 6 वर्षीय बेटे अवीर त्रिपाठी की भी जान चली गई। बता दें कि पहले से घात लगाए उग्रवादियों ने आईइडी ब्लास्ट कर वारदात को अंजाम दिया है। बता दें कि इनके अलावा चार और जवान इस हमले में शहीद हो गए।

manipur terrorist attack commandent viplav tripathi martyed and his family also died

कर्नल विप्लव त्रिपाठी का करीब डेढ़ साल पहले मणिपुर में पोस्टिंग हुई थी। इससे पहले वह मेरठ कैंट में तैनात थे। पोस्टिंग के करीब साल भर पहले घर आए थे। बता दें कि सुभाष त्रिपाठी का परिवार सुबह नाश्ता कर रहा था। इसी बीच उनके बड़े बेटे की शहादत की खबर सामने आई । सुभाष त्रिपाठी अभी 6 दिन पहले पत्नी के साथ बेटे विप्लव के घर से लौटे हैं। वह पिछले साढ़े तीन महीने से बेटे विप्लव के साथ ही थे। बेटे की शहादत की सूचना मिलते ही पिता सुभाष त्रिपाठी और मां खामोश हैं। जैसे-जैसे लोगों को जानकारी मिलती गई, वैसे-वैसे लोग घर पर पहुंचने लगे।

बता दें कि कर्नल विप्लव त्रिपाठी के छोटे भाई अनय त्रिपाठी भी असम राइफल्स में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। वह जल्द ही ट्रेनिंग पर महू जाने वाले थे। वह भी अपने माता-पिता के साथ नाश्ता कर रहे थे तभी उनको सेना की तरफ से शहादत की सूचना मिली। इसके बाद उन्होंने इस बात को कन्फर्म किया और फिर अपने बड़े भाई, भाभी और भतीजे का शव लेने मणिपुर के लिए रवाना हो गए।

वहीं कर्नल विप्लव की शहादत की खबर आने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने भी ट्वीट किया। ट्वीट कर लिखा कि आज मणिपुर में उग्रवादी हमले में शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी जी के परिजनों से फोन पर बात की है। वे दैनिक बयार रायगढ़ के सम्पादक एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री सुभाष त्रिपाठी जी के पुत्र थे। इस दुःख की घड़ी में हम सब उनके साथ हैं।

इसके अलावा उन्होंने एक और ट्वीट कर लिखा कि मणिपुर में उग्रवादी हमले में हमारे वीर जवानों के शहीद होने का दुखद समाचार मिला। इस हमले में दैनिक बयार रायगढ़ के सम्पादक एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री सुभाष त्रिपाठी जी के पुत्र कर्नल विप्लव त्रिपाठी, बहू श्रीमती अनुजा त्रिपाठी एवं पांच वर्षीय पौत्र अबीर त्रिपाठी भी शहीद हुए हैं।

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