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Exclusive Interview: 10 गुना बड़े आन्दोलन की तैयारी मे हैं किसान: शिवकुमार कक्काजी

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रायपुर,08 जनवरी। नवा रायपुर के प्रभावित 27 गांवों के किसान, अधिग्रहित जमीन के उचित मुआवजे, पुनर्वास पैकेज की सालाना राशि रोकने और किसान परिवार के लोगों को रोजगार दिए जाने की मांग को लेकर नवा रायपुर स्थित पर्यावास भवन के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। 3 जनवरी से दिल्ली की तर्ज पर किसानों का अनिश्चितकालीन आंदोलन चल रहा है। नवा रायपुर प्रभावित किसान कल्याण समिति की अगुवाई में चल रहे आंदोलन का समर्थन करने देश के नामचीन किसान नेता और राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा कक्का जी शनिवार को रायपुर पहुंचे। उनसे वन इंडिया संवाददाता धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने कई मुद्दों पर एक्सक्लूसिव चर्चा की....

shivkumar sharma kakkaji

सवाल _ दिल्ली की तर्ज पर नवा रायपुर में प्रदर्शन कर रहे किसानों को समर्थन देने आप रायपुर पहुचे हैं। किसानों की मांगों के सम्बंध में आपका क्या कहना है?

जवाब_ नवा रायपुर में 27 गांवों की जमीन के अधिग्रहण के सम्बंध में जो समझौता किया गया था, उसका छत्तीसगढ़ की पूर्व और मौजूदा सरकार ने पालन नही किया है। क्योंकि किसानों की मांग जायज है, इसलिए सरकार को समझौते का पालन करना चाहिए। यह सरकार किसानों के प्रति थोड़ी संवेदनशील है, इसलिए किसानों का आंदोलन नही होना था। यह दुर्भाग्य की बात है कि आंदोलन चल रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब विपक्ष मे थे , तब इन्ही मांगों को लेकर किसानों के साथ खड़े हुए थे। किसानों की जायज मांगों पर सरकार को गम्भीरता से निर्णय करना चाहिए।

सवाल _ आपको क्या लगता है, विपक्ष में रहते हुए भूपेश बघेल ने किसानों की मांगों का समर्थन किया तो उनके पक्ष में रहते हुए किसानों को इतनी मेहनत क्यों करनी पड़ रही है?

जवाब_ किसानों को मेहनत क्यों करनी पड़ रही है, इसका जवाब तो मुख्यमंत्री ही दे पाएंगे, लेकिन मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गम्भीरता से विचार करके किसानों के पक्ष में फैसला लेंगे।

सवाल_ दिल्ली में जब राकेश टिकैत और कक्का जी आंदोलन करते हैं, तब किसानों पर भाजपा विरोधी होने के आरोप लगते हैं। रायपुर में चल रहा आंदोलन भूपेश सरकार के खिलाफ है। क्या इसे विरोधियों के लिए जवाब माना जाए कि जहां किसान संघर्ष होगा,वहां आप मिलेंगे?

जवाब _ जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब आंदोलन के दौरान हमपर आरएसएस और भाजपा के लोग होने के आरोप लगते थे। हमने जब भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन किया तो कांग्रेसी होने के आरोप लग रहे हैं। सरकार कोई भी हो, वह मुख्य मांग से ध्यान भटकाने और अपनी कमजोरी छुपाने के लिए माला विपक्ष के गले में डाल देती है।

हम 50 सालों से गैरराजनीतिक किसान आंदोलन कर रहे हैं। हमने देखा है कि जिसकी सरकार होती है, वह आंदोलन को विपक्ष का आंदोलन बता देता है।नवा रायपुर में चल रहा आंदोलन पूरी तरह गैर राजनीतिक है,अगर कोई इसे किसी दल का आंदोलन कहता है तो यह न्यायोचित नही होगा। किसान अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं,अब चाहे वह भाजपा के खिलाफ हो या कांग्रेस के, सरकार को उनकी मांगें पूरी करना चाहिए।

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सवाल _ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के ज्वलन्त मुद्दे पर भी किसानों का मसला रहा है। यह भी कहा गया कि किसान प्रधानमंत्री पर हमला कर सकते थे। आपको क्या लगता है, देश की सारी राजनीति किसानों के इर्द गिर्द क्यों घूम रही है?

जवाब_ 70 सालों से हम देख रहे हैं कि किसान सहज और सरल होते हैं, इसलिए उनपर किसी भी प्रकार के आरोप लगाए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री के पास देश की 3 सेनाएं और देश की सम्पूर्ण ताकत होती है। अगर वह पंजाब के सीएम चन्नी को जान बचने पर धन्यवाद देकर आते हैं, तो ऐसा बयान एक गौरवशाली देश के प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता है।
प्रधानमंत्री जिस मार्ग से जाते हैं, उसे 48 घंटे पहले एसपीजी अपने नियंत्रण में ले लेती है।अगर प्रधानमंत्री अचानक से अपना मार्ग बदलकर हवाई मार्ग की जगह सड़क मार्ग से जाने लगें, तो किसानों को कैसे पता चलेगा कि प्रधानमंत्री अचानक उस रास्ते से जाएंगे?

किसान फिरोजपुर जा रहे थे, उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया गया था, इसलिए वह वहीं बैठ गए। प्रधानमंत्री के पास कोई किसान नहीं गया, जो लोग गए वह भाजपा का झंडा पकड़े हुए थे। प्रधानमंत्री पंजाब के किसानों को टारगेट करने राजनीति कर रहे हैं। क्योंकि पीएम कार्यक्रम में 7 हजार कुर्सियां खाली थीं, इसलिए वह अपनी कमजोरियों को छुपाने के लिए किसानों की आड़ ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री का मन अगर बड़ा होता तो वह सिंघु बॉर्डर में हमारे आंदोलन में आ सकते थे। किसान आतंकवादी नही हैं, हमारा पूरा आंदोलन गांधीवादी और राष्ट्रवादी आंदोलन था, इसलिए पीएम को किसान आंदोलन से कोई खतरा नही था। प्रधानमंत्री को किसानों से कोई खतरा नहीं है, बल्कि देश के किसानों को प्रधानमंत्री से खतरा बना हुआ है।

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सवाल- दिल्ली से शुरू हुआ किसानों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन फिलहाल स्थगित है, इसका आगे क्या होगा?

जवाब _ किसान एमएसपी की गारंटी पर कानून की मांग कर रहे हैं । क्योंकि उस पर कोई कमेटी नहीं बनी है, इसलिए आंदोलन स्थगित किया गया है। अगर सरकार कमेटी नहीं बनाती है ,तब जो आंदोलन हुआ, उससे 10 गुना बड़ा आंदोलन हमें करना पड़ेगा, जिसकी तैयारी चल रही है।

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English summary
Exclusive Interview: Farmers are preparing for 10 times bigger movement: Shivkumar Kakkaji
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