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रायबरेली: अस्पताल में एक हफ्ते से टॉर्च की रोशनी में डॉक्टर कर रहे मरीजों का इलाज, जरनेटर बना शोपीस

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रायबरेली। देश में स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र को लेकर कई तरह की योजना और सुविधाएं देने की तमाम कोशिशें की जा रही हैं। लेकिन, सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली के सीएचसी ऊंचाहार में पिछले एक हफ्ते से मरीजों का इलाज अंधेरे में किया जा रहा है। अस्पताल की ये हालत तब है जब जिले को वीवीआईपी क्षेत्र का दर्जा मिला हुआ है। जिम्मेदार अधिकारी मामले पर सिर्फ बयानबाजी कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

doctors treating patient with mobile torch light in hospital

दरअसल सीएचसी ऊंचाहार में लाइट कई दिनों से खराब है। हर रोज मोबाइल से मरीज के तीमारदार लाइट जलाकर डॉक्टर को दिखाते हैं तब कहीं जाकर मरीजों को दवा का पर्चा लिखा जा रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए अभी तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कोई जुगत नहीं की है। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अभिषेक ने बताया कि इस समस्या से कई दिनों से गुजरना पड़ रहा है। शिकायत के बाद स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि सीएचसी में जनरेटर की व्यवस्था है लेकिन, देखकर तो यही लगता है कि चिराग तले अंधेरा है।

doctors treating patient with mobile torch light in hospital

जब इस पूरे मामले पर सीएचसी अधीक्षक से पूछा गया तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया और आश्वस्त किया कि जल्दी लाइट सही करा दी जाएगी। लेकिन सवाल फिर भी यही है कि अगर जनरेटर की व्यवस्था है तो उसको चलाया क्यों नहीं जाता? और अगर जनरेटर चलता ही नहीं तो आखिर डीजल का खर्चा कहां होता है?

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English summary
doctors treating patient with mobile torch light in hospital
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