शिरोमणि अकाली दल में फिर हो सकती है बग़ावत, पार्टी हाईकमान को 10 दिन का अल्टीमेटम
कमलजीत भाटिया ने कहा कि वह जालंधर सेंट्रल सीट से टिकट के लिए दावा करते रहे हैं। इस बाबत पार्टी में मेरी हाईकमान से कई बार मीटिंग हो चुकी है। सुखबीर सिंह बादल से जालंधर सेंट्रल हल्का से टिकट की बात पर चर्चा हुई थी।
चंडीगढ़, अगस्त 9, 2021। चुनाव के दिन जैसे-जैसे क़रीब आने लगते हैं राजनीतिक पार्टियों में रूठने और मनाने का दौर शुरू हो जाता है। पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत भाटिया ने जालंधर सेंट्रल हल्का से चंदन ग्रेवाल को अकाली दल का इंचार्ज बनाने पर नाराज़गी ज़ाहिर की है। उन्होंने पार्टी हाईकमान को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि चंदन ग्रेवाल के इंचार्ज बनाए जाने वाले फ़ैसले पर पार्टी फिर से विचार करे। जेनरल कैटेगरी के व्यक्ति को ही जालंधर सेट्रल हल्के का इंचार्ज बनाया जाए।

कमलजीत भाटिया ने कहा कि वह जालंधर सेंट्रल सीट से टिकट के लिए दावा करते आ रहे हैं। इस बाबत पार्टी में मेरी हाईकमान से कई बार मीटिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले भी पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल से जालंधर सेंट्रल हल्का से टिकट की बात पर चर्चा हुई थी। सुखबीर सिंह बादल ने कहा था कि बुधवार को उन्हें बुलाकर इस पर मसले पर मशवरा किया जाएगा, सभी लोग अपनी राय देंगे। चंदन ग्रेवाल को इसके बावजूद 3 दिन पहले ही सेंट्रल हल्के का इंचार्ज बना दिया गया है। यह देखा गया है कि अकाली दल में अमूमन हलका इंचार्ज ही चुनाव लड़ता है। उन्होंने कहा कि मेरे साथ 42 बड़े पदाधिकारी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हैं और ये सभी 42 साथी मेरे साथ हैं। 10 दिन में अगर फैसला नहीं बदला गया तो सब मिल कर जनता की अदालत में जाएंगे।
चंदन ग्रेवाल ने पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की टिकट से आदमपुर से चुनाव लड़ा था। उस वक़्त उन्हें 27 हज़ार के क़रीब। बाद में चंदन ग्रेवाल अकाली दल में शामिल हो गए थे। पिछले कुछ दिनों से वह सेंट्रल हलके में खासे सक्रिय थे। अकाली दल की ओर से उन्हें यहां का इंचार्ज बनाने से सियासी हलचल बढ़ गई है। एक तरफ जहां पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया नाराज हो गए हैं तो दूसरी तरफ मौजूदा कांग्रेस विधायक राजिंदर बेरी को बड़ी चुनौती मिलती दिख रही है। इससे पहले भी अकाली दल के कई दिग्गज नेताओं ने अकाली दल का दामन छोड़ कर दूसरी पार्टियों के दामन थाम लिय़े थे। आपको बता दें कि इसमे पूर्व केंद्रीय मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया की पुत्री अमनजोत कौर रामूवालिया सहित कई नेताओं के नाम शामिल हैं। सभी नेताओं ने.देश की राजधानी दिल्ली में स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी की सदस्यता ली थी।
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, भाजपा महासचिव और पंजाब के प्रभारी दुष्यंत गौतम और राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग की मौजूदगी में अमनजोत कौर रामूवालिया के अलावा अकाली दल के पूर्व राष्ट्रीय संगठन सचिव गुरप्रीत सिंह शाहपुर, अकाली दल के ही पूर्व उपाध्यक्ष चांद सिंह चट्ठा, आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में एक रहे चेतन मोहन जोशी और अकाली दल के गुरदासपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष बलजिंदर सिंह ढकोहा बीजेपी में शामिल हुए। गौतम गम्भीर ने भाजपा में शामिल होने वाले सभी नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि किसान आंदोलन की आड़ में जिस तरह कुछ राजनीतिक दल संविधान की मर्यादा को ताक पर रखे हुए हैं, उनसे पंजाब की जनता बहुत ही नाराज़ है। राज्य में शांति और अमन चैन के लिए उनकी निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिकी हुई हैं।












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